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एटीएम जालसाज गिरोह के पांच बदमाश हत्थे चढ़े, 300 लोगों को बनाया शिकार

Fri, 31 Mar 2017 09:11 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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एसएसपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस - फोटो : अमर उजाला
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एटीएम कार्ड बदलकर, एटीएम पासवर्ड हैक कर लोगों के बैंक खाते से ऑनलाइन खरीदारी कर चूना लगाने वाले अंतर जनपदीय गिरोह के पांच बदमाशों को क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया। इन्हें गुरुवार की रात बसनी चौराहे से गिरफ्तार किया गया।
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आरोपियों में आजमगढ़ जिले के मेहनाजपुर के खुजरा के शब्बीर व नसरुद्दीन, गंभीरपुर के रानीपुर रजमोें का जितेंद्र यादव और जौनपुर के चंदवक के अहमदपुर का दानिश व केराकत के अमहीत का मो. मुबारक शामिल हैं।

आरोपियों के पास से बिना नंबर की बोलेरो, कार, 11 हजार रुपये और 17 लोगों के एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। आरोपियों ने बताया कि वे अब तक पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के ग्रामीण इलाकों से लगभग 300 लोगों के खाते से 30 लाख रुपये से ज्यादा उड़ा चुके हैं। पांचों के खिलाफ विभिन्न जिलों में पहले से 17 मुकदमे दर्ज हैं। 
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एसएसपी नितिन तिवारी ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में बताया कि एटीएम से जुड़ी जालसाजी की घटनाओं का खुलासा करने के लिए क्राइम ब्रांच प्रभारी ओम नारायण सिंह को निर्देशित किया गया था। पता चला कि एक खास गिरोह ग्रामीण इलाकों के बिना गार्ड वाले एटीएम में जाने वाले लोगों को शिकार बना रहा है।

गिरोह के सदस्य किसी भी खाते से 10-15 हजार रुपये से ज्यादा नहीं उड़ाते थे। गुरुवार की रात मुखबिर की सूचना पर ओम नारायण सिंह ने बड़ागांव एसओ दिलीप कुमार सिंह, क्राइम ब्रांच के एसआई राकेश सिंह, तेज प्रताप यादव, रामानंद यादव, कुलदीप सिंह, रामभवन यादव के साथ छापेमारी की पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया जबकि चार भाग निकले।

भागने वालों में जौनपुर के केराकत के अमहीत का अली अहमद व मुन्ना सिंह, चंदवक के अमरौना का अमिताभ और गाजीपुर के खानपुर के बेलहरी का खैरुल बशर शामिल हैं।

एसएसपी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की इस उपलब्धि पर उनकी ओर से पांच हजार और डीआईजी की ओर से दस हजार का इनाम घोषित किया गया है।
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तीन तरह से करते थे जालसाजी

बदमाशों के पास से बरामद एटीएम कार्ड - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्त में आए बदमाश ग्रामीण इलाके के एटीएम के आसपास रहते थे। जैसे ही कोई सीधा-सादा ग्रामीण एटीएम में प्रवेश करता, गिरोह के दो-तीन सदस्य भी घुस जाते और मदद के नाम पर एटीएम कार्ड बदल देते थे। संबंधित व्यक्ति द्वारा पिन डालते समय उसे याद कर लेते थे।

बाद में खाते से पैसा निकाल लेते थे। कई लोगों के एटीएम पर दर्ज नंबर और पीछे दर्ज सीवीवी कोड की मदद से ऑनलाइन खरीदारी की गई। अक्सर गिरोह के सदस्य एटीएम में जो रुपये निकालता था उसके पास खड़े हो जाते थे।

इसी बीच एक बदमाश एटीएम के पास जाकर उसके कीपैड के स्टार बटन को अंगुली से दबाकर थोड़ी देर के लिए सिस्टम हैंग कर देता था। पीछे मौजूद गिरोह के अन्य सदस्य शोर मचाना शुरू कर देते कि आपका रुपया नहीं निकलेगा बाद में निकालिएगा।

संबंधित व्यक्ति जब बाहर चला जाता था तो बदमाश उसके खाते से पैसे निकाल लेते थे। एसएसपी ने बताया कि इस संबंध में बैंक प्रबंधनोें को भी पत्र लिख कर स्टार बटन से हो रही गड़बड़ी के बारे में बताया जाएगा।
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