एटीएम कार्ड बदलकर, एटीएम पासवर्ड हैक कर लोगों के बैंक खाते से ऑनलाइन खरीदारी कर चूना लगाने वाले अंतर जनपदीय गिरोह के पांच बदमाशों को क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया। इन्हें गुरुवार की रात बसनी चौराहे से गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों में आजमगढ़ जिले के मेहनाजपुर के खुजरा के शब्बीर व नसरुद्दीन, गंभीरपुर के रानीपुर रजमोें का जितेंद्र यादव और जौनपुर के चंदवक के अहमदपुर का दानिश व केराकत के अमहीत का मो. मुबारक शामिल हैं।
आरोपियों के पास से बिना नंबर की बोलेरो, कार, 11 हजार रुपये और 17 लोगों के एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। आरोपियों ने बताया कि वे अब तक पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के ग्रामीण इलाकों से लगभग 300 लोगों के खाते से 30 लाख रुपये से ज्यादा उड़ा चुके हैं। पांचों के खिलाफ विभिन्न जिलों में पहले से 17 मुकदमे दर्ज हैं।
एसएसपी नितिन तिवारी ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में बताया कि एटीएम से जुड़ी जालसाजी की घटनाओं का खुलासा करने के लिए क्राइम ब्रांच प्रभारी ओम नारायण सिंह को निर्देशित किया गया था। पता चला कि एक खास गिरोह ग्रामीण इलाकों के बिना गार्ड वाले एटीएम में जाने वाले लोगों को शिकार बना रहा है।
गिरोह के सदस्य किसी भी खाते से 10-15 हजार रुपये से ज्यादा नहीं उड़ाते थे। गुरुवार की रात मुखबिर की सूचना पर ओम नारायण सिंह ने बड़ागांव एसओ दिलीप कुमार सिंह, क्राइम ब्रांच के एसआई राकेश सिंह, तेज प्रताप यादव, रामानंद यादव, कुलदीप सिंह, रामभवन यादव के साथ छापेमारी की पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया जबकि चार भाग निकले।
भागने वालों में जौनपुर के केराकत के अमहीत का अली अहमद व मुन्ना सिंह, चंदवक के अमरौना का अमिताभ और गाजीपुर के खानपुर के बेलहरी का खैरुल बशर शामिल हैं।
एसएसपी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की इस उपलब्धि पर उनकी ओर से पांच हजार और डीआईजी की ओर से दस हजार का इनाम घोषित किया गया है।