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जिंदा शख्स को मरा हुआ दिखाकर अपने नाम की विरासत, राजस्व निरीक्षक समेत छह के खिलाफ केस

Tue, 20 Aug 2019 01:35 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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मऊ जिले के मधुबन तहसील क्षेत्र के आदमपुर गांव में जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाकर राजस्व निरीक्षक ने आधा एकड़ जमीन की फर्जी वरासत पट्टीदारों के नाम कर दी। एक साल से अधिक पुराने इस मामले में सोमवार को तहसीलदार की तहरीर पर पुलिस ने राजस्व निरीक्षक और छह अन्य पर धोखाधड़ी और सरकारी कागजात में हेराफेरी करने का मुकदमा दर्ज कर लिया।

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तहसील क्षेत्र के आदमपुर निवासी विक्रमा को मृत दिखाकर उसके पट्टीदार राजू ने आरसी प्रपत्र 9 पर राजस्व निरीक्षक दरगाह की मिलीभगत से 21 जून 2018 को फर्जी वरासत कराकर राजू, संजय, श्रवण, बेचू, इसरावती देवी और संजू के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करा लिया।

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विक्रमा ने तहसील दिवस में शिकायत की। मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने तहसीलदार सुभाष चंद्र यादव को जांच का निर्देश दिया। तहसीलदार ने जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई। मामले में राजस्व निरीक्षक की भूमिका गलत पाई गई।

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विक्रमा जीवित पाया गया और उसकी जमीन पर उसके पट्टीदार राजू, संजय, श्रवण, बेचू, इसरावती देवी और संजू के नाम 21 जून 2018 को दर्ज करने की बात सामने आई। तहसीलदार की तहरीर पर पुलिस ने दरगाह मंडल के राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) मनीराम के अलावा छह अन्य पर धोखाधड़ी और सरकारी प्रपत्रों में हेराफेरी करने और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। थाना प्रभारी कुमुद शेखर सिंह का कहना है कि तहसीलदार की तहरीर पर राजस्व निरीक्षक और छह अन्य पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

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