आदर्श आचार संहिता के अनुपालन के लिए इन दिनों जोन के सभी दस जिलों में पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसके मद्देनजर अब तक दस जिलों के एक लाख 32 हजार आठ सौ तीरसठ लोगों को शांति और कानून व्यवस्था के मद्देनजर पाबंद किया गया है, जबकि 35742 लाइसेंसी असलहे जमा कराए गए हैं। साथ ही 182 शस्त्र लाइसेेेेंस निरस्त और 32 के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
आईजी जोन एसके भगत ने पुलिस अधीक्षकों के निर्देश दिया है कि 10 फरवरी तक हर हाल में असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई पूरी कर ली जाए। आईजी जोन के अनुसार आचार संहिता लागू होने के बाद दस जिलों में फ्लाइंग स्क्वॉड और पुलिस की संयुक्त वाहन चेकिंग में अब तक साढ़े चार करोड़ से ज्यादा नकदी बरामद की गई।
साथ ही 40 हजार लीटर अवैध शराब, 148 असलहे, 351 कारतूस, अवैध असलहे बनाने की एक फैक्ट्री और 467 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ पकड़ा गया है।
संवदेनशीलता के आधार पर चिह्नित जोन के 1101 मजरों में 2971 शरारती तत्वों को सूचीबद्ध किया गया है।
इनके खिलाफ पुलिस गुंडा एक्ट और गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई की तैयारी में है। आईजी जोन ने कहा कि अंतर जनपदीय सभी सीमाओं पर बैरियर लगाकर पुलिस को मुस्तैदी के साथ चेकिंग का निर्देश दिया गया है।
चेकिंग के बहाने आमजन को परेशान न किया जाए। ऐसा करने वाले पुलिसकर्मी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जद में आएंगे। साथ ही हिस्ट्रीशीटर, गुंडा व गैंगेस्टर के तहत वांछित, जिला बदर और इनामी बदमाशों के संभावित स्थानों को रोजाना पुलिस खंगाले।
जोन के नक्सल प्रभावित जिले चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र में पुलिस को बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए 179 मोबाइल टॉवर की दरकार है। इनमें से सर्वाधिक 143 सोनभद्र को, चंदौली को 19 और मिर्जापुर को 17 मोबाइल टॉवर की जरूरत है।
इसके पहले तीनों जिलों में 78 मोबाइल टॉवर केंद्र सरकार की ओर से लगवाए गए थे। 179 टॉवरोें वाला प्रस्ताव भी भेज दिया गया है और संभव है कि जल्द इस पर निर्णय लिया जा सकता है।
बता दें कि सोनभद्र के 17 थाना के 292 गांव, मिर्जापुर के छह थाना के 107 गांव और चंदौली के सात थाना के 241 गांव नक्सल प्रभावित के तौर पर चिह्नित हैं। इन नक्सल प्रभावित तीनों जिलों में सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से पुलिस के अतिरिक्त 13 कंपनी पीएसी और छह कंपनी सीआरपीएफ तैनात की गई है।