भ्रष्टाचार के आरोप में जिला जेल में बंद चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कस दिया है। विजिलेंस जांच के बाद मामले में बुधवार को ईडी ने पहली बार बड़ी कार्रवाई की।
वाराणसी स्थित आरएस और उसके करीबियों के चार ठिकानों पर ईडी की पांच टीमों ने एक साथ छापेमारी की। ताबड़तोड़ छापों से आरएस के करीबियों में खलबली मच गई। संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने 23 लाख नगद एवं करोड़ों की संपत्ति से जुड़े कागजात कब्जे में लिए हैं।
आरएस के सीए एसके द्विवेदी के कार्यालय पर आठ घंटे से अधिक चली छानबीन में करोड़ों की बेनामी संपत्ति और बोगस कंपनियों की जानकारी ईडी के हाथ लगी है। सूत्रों की मानें तो गोरखपुर और कोलकाता स्थित ठिकानों पर भी ईडी ने छापेमारी की है।
डीआईजी कॉलोनी में रहने वाले एसके द्विवेदी आरएस यादव के चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। मकबूल आलम रोड पर भाजपा के पूर्व एमएलसी शिवनाथ यादव के मकान में उनका कार्यालय है। बुधवार को दिन में करीब 11 बजे प्रवर्तन निदेशालय लखनऊ की टीम पुलिस बल के साथ उनके कार्यालय पहुंची।
दफ्तर के दोनों दरवाजे लॉक कर दिए। दो बार में ईडी की टीम के 12 सदस्य अंदर दाखिल हुए। यहां सीए एसके द्विवेदी और उनके स्टाफ से लंबी पूछताछ के बाद यादव से जुड़े कागजात खंगाले गए। इसी दौरान अन्य चार टीमों ने आरएस यादव के मकबूल आल रोड स्थित मकान, छावनी स्थित होटल वेस्ट इन और शहर में यादव के पार्टनर एक शराब कारोबारी के यहां भी छापेमारी की।
हालांकि टीम का फोकस यादव के सीए एसके द्विवेदी के कार्यालय पर था। यहां आठ घंटे से अधिक चली छानबीन का ब्यौरा ईडी ने सार्वजनिक नहीं किया। एक अन्य सीए से भी पूछताछ की। इस दौरान टीम के सदस्य दो-तीन बार बाहर आए गए।
सूत्रों का कहना था कि सीए ने यादव की संपत्ति से जुड़े कागजात कई जगहों पर रखे थे, जिसे इकट्ठा किया जा रहा था। शाम करीब पांच बजे दो गाड़ियों में सवार होकर प्रवर्तन निदेशालय के अधिकतर सदस्य चले गए।
इसमें एक अफसर ने बताया कि शहर में आरएस यादव के चार ठिकानों पर छापेमारी हुई है। अभी जांच जारी रहेगी। कुछ सदस्य रात करीब आठ बजे एसके द्विवेदी के कार्यालय से निकले। एसके द्विवेदी आरएस यादव की कई कंपनियों में शेयर होल्डर भी हैं।