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जिला जेल के बंदी की इलाज के दौरान मौत

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चोरी के आरोप में करीब सप्ताह भर पूर्व गिरफ्तार किए गए फूलपुर निवासी संजय विश्वकर्मा की शनिवार की देर शाम बीएचयू अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पहले उसका जिला जेल, फिर मंडलीय अस्पताल और फिर बीएचयू में इलाज चला। परिवार वालों का आरोप है कि फूलपुर पुलिस ने उसे चोरी के फर्जी आरोप में गिरफ्तार किया था। उसकी जमकर पिटाई की गई थी, जिससे वह बीमार हो गया था।
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फूलपुर थाना क्षेत्र के परसरा निवासी मूंगा के चार पुत्रों में सबसे बड़ा संजय विश्वकर्मा ऑटो चलाता था। 23 अगस्त को पुलिस ने उसे फूलपुर से गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वह मोनो ब्लॉक पंप चुराने के बाद उसे बेचने जा रहा था। अंबुज की शिकायत पर उसे गिरफ्तार किया गया था। 24 अगस्त को न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जिला जेल भेज दिया गया था। अगले ही दिन उसकी तबीयत बिगड़ गई। उस दिन उसे जिला जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगले दिन उसे मंडलीय अस्पताल भेजा गया। 26 अगस्त की रात उसे बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 27 अगस्त की देर शाम उसकी मौत हो गई।

जेल अधिकारियों और पुलिस का कहना है कि वह नशे का आदी था। उसे फेफड़े संबंधी शिकायत थी। मौत की सूचना के बाद परिवार वालों ने कुछ देर के लिए बीएचयू अस्पताल में हंगामा कर दिया। संजय के पिता मूंगा का आरोप है कि पुलिस ने फर्जी तरीके से उनके बेटे को गिरफ्तार करने के बाद उसकी पिटाई की थी। आरोप है कि पुलिस ने जबरन देर शाम शव का अंतिम संस्कार करवा दिया। जबकि परिवार वाले शव को घर ले जाना चाहते थे। जिला जेल अधीक्षक बीडी पांडेय का कहना है कि बीमार की वजह से बंदी की मौत हुई है। मेडिकल के बाद उसे जेल में दाखिल किया गया था।
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