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पीएम के संसदीय क्षेत्र में अचानक बढ़ा अपराध का ग्राफ, चोर-उच्चके बने बड़ी मुसीबत

Mon, 17 Apr 2017 02:05 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
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एनएच किनारे रमना गांव युवक को ‌इसी जगह पर जिंदा जलाया गया था। - फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पर केंद्र और राज्य सरकार का पूरा फोकस है लेकिन बीते एक हफ्ते में यहां हुई आपराधिक वारदातों से आमजन में दहशत का माहौल है। पुलिस-प्रशासन के लिए बीता हफ्ता काफी चुनौती भरा रहा है।
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बीते हफ्ते हत्या, डकैती, लूट, चोरी और उचक्कागीरी के एक दर्जन से ज्यादा मामले सामने आए। आठ अप्रैल को सराफा व्यापारी के यहां हुई चार करोड़ की डकैती से शुरू हुआ आपरा‌धिक वारदातों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद ऐसा लगा था कि अपराधियों पर अंकुश लगेगा लेकिन वाराणसी में इसके उलट अपराधी दिनदहाड़े सरेराह बेखौफ होकर अपराध कर रहे हैं। पुलिस लाख दावा करे कि हालात ठीक हैं और अपराधियों की धरपकड़ का प्रयास जारी है मगर इस हफ्ते के आंकड़े कुछ और ही गवाही देते हैं।
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आठ अप्रैल को वाराणसी की सबसे बड़ी डकैती, नौ अप्रैल को पटना राजधानी एक्सप्रेस में लूट,10 अप्रैल को बीएचयू में जूनियर और सीनियर छात्रों की बीच संघर्ष के बाद फायरिंग, 11 अप्रैल को चोलापुर में हत्या और गंगा में दो नाबालिग प्रेमी जोड़े के शव मिले, 12 अप्रैल को एनएच-2 पर युवक को जिंदा जलाया, 13 अप्रैल को तीन तलाक के खिलाफ काम कर रहे मौलवी पर हमला,14 अप्रैल को बुनकर पर हुआ जानलेवा हमला, 15 अप्रैल को चोलापुर में युवती की दुष्कर्म के बाद हत्या और भेलुपुर थाने पर पत्थरबाजी जैसी घटनाएं पुलिस के लिए सिरदर्द साबित हुई।

इसके अलावा वाराणसी के तीन नर्सिंग कॉलेजों (संतु‌ष्टि,एपेक्स और धीरेंद्र महिला) के छात्राओं द्वारा धरना और प्रदर्शन भी चुनौती बना। संबधित कॉलेजों पर कार्रवाई भी की गई। मामला मुख्यमंत्री जा पहुंचा। 

चोरों- उच्चकों ने दी खुली चुनौती,पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

आठ अप्रैल को हुई डकैती मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है - फोटो : अमर उजाला
चोरों ने गुरुवार की रात चार थाना क्षेत्रों और शुक्रवार की रात पांच थाना क्षेत्रों में चोरों ने पुलिस को खुली चुनौती दी। शुक्रवार को महगांव कोट गांव में सर्राफ अभिषेक दूबे को बंधक बनाकर लूटा गया था। इन पांचों वारदातों के मद्देनजर पुलिस ने घटनास्थल के आसपास से सीसीटीवी फुटेज जुटाए, मुखबिरों से पूछताछ की लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका।

 शुक्रवार को मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में एक मकान और तीन दूकान के साथ ही कैंट, लोहता, लंका और मिर्जामुराद में चार स्थानों पर चोरी हुई और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। भुक्तभोगियों का कहना है कि घटनाओं का जल्द खुलासा न हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।

गुरुवार को लंका थाना क्षेत्र में तीन जगह लाखों रुपए की उच्चकागीरी हुई। मामले की पड़ताल होने से पहले  फिर इसी थाना क्षेत्र में  शनिवार को दो लोगों से लाखों रुपए की उच्चकागीरी हो गई।  

पुलिस के अनुसार उचक्कागीरी में बाहर की गैंग का हाथ है। जिस तरह शहर में हाल में उचक्कागीरी की घटनाएं हुई हैं, उसे संगठित तरीके से दक्षिण भारतीय या फिर ओडिशा की गैंग के बदमाश अंजाम देते हैं।
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जहां होगी वारदात नपेंगे वहां के बीट आरक्षी और हल्का प्रभारी

एसएसपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस - फोटो : अमर उजाला

एसएसपी नितिन तिवारी ने दो टूक कहा है कि अब जिस भी थाना क्षेत्र में कोई आपराधिक वारदात होगी सबसे पहले कार्रवाई की जद में उसे क्षेत्र के बीट आरक्षी और हल्का प्रभारी आएंगे। इसके साथ ही हफ्तेवार थानेदारों के कामकाज की समीक्षा होगी।

वारदातें और उनके खुलासे को देखा जाएगा इसके बाद थानेदार पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि शुक्रवार को एक इंस्पेक्टर सहित सात लोगों को सस्पेंड भी कर दिया गया।

शनिवार को एसएसपी नितिन तिवारी औचक निरीक्षण निकले। इसके बाद उन्होंने 11 होमगार्ड दिए और आठ ट्रैफिक पुलिकर्मी को लाइन हाजिर कर दिया। 
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