घायल अवस्था में मैं और मेरी पत्नी वंदना दुबे, बड़ी पुत्री नेहा ने रागिनी को टेंपो पर लादकर जिला अस्पताल लाया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस मामले में अभियोजन की ओर से न्यायालय ने 12 गवाहों को परीक्षित किया।
इसके बाद न्यायालय ने दोनों पक्षों का बहस सुनने के बाद अभियुक्त कृपाशंकर तिवारी, प्रिंस उर्फ आदित्य तिवारी, नीरज तिवारी, सोनू तिवारी को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। जबकि सजा की सुनवाई पर अदालत शुक्रवार को करेगी। उधर, अभियुक्त राजू यादव के मुकदमे का विचारण किशोर होने की वजह से न्यायालय किशोर बोर्ड में चल रहा है।