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तिब्बत में चीनी दमन की कहानी सुनकर भावुक हुआ छात्र, खुद को लगाई आग

Sat, 15 Jul 2017 01:05 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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अस्पताल में भर्ती तिब्बती छात्र - फोटो : अमर उजाला
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 केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय परिसर के छात्रावास में शुक्रवार सुबह पूर्व मध्यमा के छात्र पेंजिम च्वींग (20) ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। उसे अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। वह करीब 70 प्रतिशत जला है।
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घटना के दौरान परिसर में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रमुख लोबसंग सिंगो का भाषण चल रहा था। तिब्बती संस्थान के लोगों का कहना है कि केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रमुख के भाषण से वह प्रभावित था। वह तिब्बत को चीन की गुलामी से मुक्त देखना चाहता था।

अस्पताल में मजिस्ट्रेट के बयान में भी उसने घटना का करण तिब्बत की आजादी ही बताया है। कहा कि वह तिब्बत को चीन से आजाद देखना चाहता है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राज्य और कें द्रीय खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इसकी सूचना पीएमओ को भी दी गई है।
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गुरुवार को आए परीक्षा परिणाम में पेंजिम दो विषयों में फेल हो गया था। इसे लेकर भी वह डिप्रेशन में था। कर्नाटक के चमराग नगर जिले के मैसूर तालुक का रहने तिब्बती मूल का छात्र पेंजिम केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय परिसर स्थित हॉस्टल के कमरा नंबर 216 में रहता था।

वह पूर्व मध्यमा (कक्षा 10) की पढ़ाई कर रहा था। इसी बीच गुरुवार को केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रमुख लोबसंग सिंगो सारनाथ पहुंचे थे। देर शाम उनका विश्वविद्यालय परिसर में उनका भाषण हुआ। इसमें तिब्बत के इतिहास और उसकी आजादी के लिए किए जा रहे प्रयासों पर उन्होंने बोला था।
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तिब्बती प्रशासन प्रमुख लोबसंग सिंगो का चल रहा था भाषण

तिब्बती विश्वविद्यालय का छात्रावास - फोटो : अमर उजाला
हालांकि पेंजिम का भाषण सुनने गया था या नहीं, स्पष्ट नहीं हो पाया है। लोबसंग सिंगो का शुक्रवार की सुबह भी अतिसा हॉल में भाषण चल रहा था। पेंजिम के कमरे में रहने वाले छह छात्र भाषण सुनने चले गए लेकिन वह नहीं गया।

सुबह करीब साढ़े नौ बजे उसने मिट्टी का तेल डालकर अपने कमरे में आग लगा ली और कमरे के बाहर भागा। वह भागते हुए रजिस्ट्रार कार्यालय तक गया। यहां कर्मचारियों और तिब्बती प्रशासन प्रमुख के सुरक्षाकर्मियों ने आग बुझाई।

उसे पहले मंडलीय अस्पताल और फिर लंका स्थित हेरिटेज अस्पताल ले जाया गया। सूचना के बाद पुलिस भी पहुंची। डीएम योगेश्वर राम मिश्र और एसएसपी आरके भारद्वाज के निर्देश पर एसीएम प्रथम मनोज सिंह ने अस्पताल में छात्र का बयान भी लिया। पुलिस घटना के कारणों की पड़ताल कर 

एसएसपी आरके भारद्वाज ने कहा कि घटना के दो कारण बताए जा रहे हैं। एक तो वह दो विषयों में फेल हुआ था और दूसरा यह कि वह तिब्बती प्रशासन के प्रमुख के भाषण से प्रभावित था और वहां की आजादी के लिए ऐसा किया। दोनों पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है।

केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आरके उपाध्याय ने कहा कि छात्र ने गुरुवार को अपने एक दोस्त को भेजे गए पत्र में तिब्बत की आजादी की बात लिखी थी। वह तिब्बत को आजाद देखना चाहता था। आशंका है कि इसी वजह से उसने आग लगाई। वह फेल भी हुआ था  लेकिन अगले सेमेस्टर की परीक्षा वह दे सकता था।
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