राहुल के अनुसार, 2012 से 2015 के बीच प्रीति ने चार करोड़ 31 लाख रुपये अपने पिता के रिश्तेदार और दोस्त की कंपनी में निवेश कर दिए। मगर, लिखापढ़ी नहीं होने पर पूछताछ की तो दोनों ने राहुल को बताया कि उन्होंने कंपनी छोड़ दी है। अब कंपनी के डायरेक्टर तीन अन्य लोग हैं।
कंपनी के नए डायरेक्टरों से संपर्क किया तो उन्होंने 13 फ्लैट का एलाटमेंट लेटर जारी करने को कहा। इसी बीच तीनों ने कूटरचित कागजात तैयार कर फ्लैट का एलाटमेंट रद्द करा दिया। साथ ही सीए से फर्जी बैलेंस शीट तैयार करा कर वेबसाइट पर अपलोड दी कि राहुल का कोई भुगतान बाकी नहीं है।
2017 में पता लगा कि तीन अन्य लोग भी कंपनी के शेयर होल्डर हो गए हैं। राहुल के अनुसार,निवेश की गई पूंजी ब्याज के साथ 31 मार्च 2019 तक आठ करोड़ आठ लाख रुपये हो चुकी है।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
एलएन बाजोरिया, प्रीति, अजय केजरीवाल, अनिल सिंह, अनुज कुमार डिडवानिया, उमाशंकर पोद्दार, मनीष कुमार सरावगी, संजीव कुमार सरावगी, आशीष पोद्दार, अतुल कुमार डिडवानिया, चार्टर्ड अकाउंटेंट सुशील कुमार कंडोई।
व्हाट्स एप कॉल कर कहते हैं कि मार देंगे तुम्हें
राहुल गोयनका के अनुसार, अनिल सिंह, अनुज डिडवानिया और उमाशंकर पोद्दार पैसा मांगने पर व्हाट्स एप कॉल कर धमकाते हैं। कहते हैं कि तुम्हें मार कर पूरी रकम तुम्हारी पत्नी प्रीति को दे दी जाएगी। आरोपी फर्जी कागजात तैयार कर उनका दुरुपयोग कर रहे हैं। ये लोग सीधेसादे लोगों को अपने चंगुल में फंसाते हैं और धोखाधड़ी कर पैसा हड़प लेते हैं।