काशी हिंदू विश्वविद्यालय के बीए प्रथम वर्ष के छात्र सोहन शाह (21) ने गुुरुवार की देर रात नरेंद्र देव छात्रावास स्थित अपने कमरे में जहर खा कर जान दे दी। रात करीब ढाई बजे उसके चिल्लाने की आवाज सुन साथियों ने इसकी सूचना वार्डेन को दी। तत्काल उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, उसके कमरे से पुलिस को 54 पेज का सुसाइड नोट और जहर की शीशी मिली है। बताया जा रहा है कि वह अवसादग्रस्त था। एक सप्ताह में बीएचयू के छात्र के खुदकुशी की यह दूसरी घटना है।
बिहार के बेगूसराय निवासी बीए प्रथम वर्ष का छात्र सोहन गुरुवार की रात मेस में खाना खाकर अपने कमरे में सोने गया था। उसके साथियों का कहना है कि रात करीब ढाई बजे उसके जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने तुरंत वार्डन को सूचना देने के साथ एंबुलेंस बुलवाई। फिर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पर डॉक्टरों से उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र के मौत की खबर उसके परिवार वालों को दी गई। राजातालाब निवासी छात्र के चाचा रमेश शाह और चाची सुबह ही मौके पर पहुंच गए थे। उसके पिता श्याम मदन शाह हरियाणा के पानीपत में प्राइवेट नौकरी करते हैं। चीफ प्रॉक्टर प्रो. सत्येंद्र सिंह ने बताया कि उसके माता-पिता के आने के बाद ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा। एसओ लंका संजीव कुमार मिश्र का कहना है कि छात्र ने जहर खा कर जान दी है। कमरे से सुसाइड नोट मिला है। इसके पहले 17 अप्रैल को बीएचयू के बीए द्वितीय वर्ष के छात्र साकेत गर्ग ने सीर गोवर्धन स्थित लाज में फांसी लगाकर जान दे दी थी।
सोहन शाह ने खुदकुशी क्यों की, इसकी कोई खास वजह पता नहीं चली लेकिन वह आर्थिक तंगी और अवसाद से ग्रस्त था। उसके चाचा रमेश ने बताया कि सोहन मानसिक रूप से परेशान था। उसका इलाज बीएचयू में ही चल रहा था। कमरे से मिले सुसाइड नोट से भी उसके अवसादग्रस्त होने की बात जाहिर होती है। उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि ‘मौत के बाद भी एक जिंदगी होती है। मैं उसे जीने जा रहा हूं। मरने के बाद भी लोग वापस आते हैं, पुनर्जन्म होता है। मैं भी लौटकर आऊंगा।’