मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली जिलों में लाखों हेक्टेयर भूमि पर नेताओं, अफसरों, ठेकेदारों व मठों के नाम पर कब्जा किया गया है। बाप दादा के जमाने से जिन जमीनों पर आदिवासियों, दलितों व समाज के कमजोर तबकों का अधिकार था, उन जमीनों के दस्तावेजों व कागजात की हेराफेरी कर गरीबों, वनवासियों को बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यात्रा का समापन सात सितंबर को सोनभद्र के जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज में आदिवासी अधिकार रैली के साथ होगा।