कानपुर में ट्रेन हादसे के बाद वाराणसी-जफराबाद रेल प्रखंड पर जलालगंज स्टेशन के पास सई नदी पुल पर पत्थर रखकर ट्रेन को गिराने की साजिश की जांच शुरू हो गई है।
एटीएस की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
कानपुर ट्रेन हादसे के बाद खुफिया एजेंसियों ने जनवरी में ही अलर्ट जारी किया था। जिसमें यह कहा गया था कि कुछ संदिग्ध संगठनों ने युवकों को पैसे का लालच देकर रेल लाइन की चाभी खोलने और ढीला करने के लिए लगा रखा है।
जलालगंज और सिरकोनी के बीच सई नदी पुल पर पत्थर पर रखकर ट्रेन को नदी में गिराने का प्रयास इन आशंकाओं को बल दे रहा है।
खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद केराकत थाना क्षेत्र के पौनी गांव के एक युवक को पकड़ा भी गया था लेकिन बाद में पूछताछ कर उसे छोड़ दिया गया।
इस बीच एटीएस की एक टीम ने मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ कर लौट गई।
संदिग्धों पर रखी जा रही नजर
रेलवे ट्रैक का निरिक्षण करते हुए रेलवेकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
वैसे जीआरपी, आरपीएफ, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस मामले की जांच अपने स्तर से कर रही हैं।
धरपकड़ के लिए चार टीमें भी गठित की गई हैं।
उधर, रेल अफसरों ने आरपीएफ को सक्रियता बढ़ाने का निर्देश दिया है। रेलवे ट्रैकों की चेकिंग बढ़ा दी गई है पर अभी तक कोई खास सुराग नहीं मिल पाया है।
एएसपी एटीएस आरके सिंह का कहना है कि पूछताछ के लिए टीम भेजी गई थी। लेकिन कोई खास इनपुट नहीं मिल सका है। एसपी जीआरपी केपी सिंह का कहना है कि मामले की जांच जिला पुलिस कर रही है।
लेकिन जीआरपी की सक्रियता बढ़ा दी गई है। संदिग्धों पर सभी स्टेशनों पर और आसपास नजर रखी जा रही है।