पुलिस पर हिरासत में लेकर पिटाई से युवक की मौत का आरोप लगाते हुए लोगों ने थाने का घेराव कर लिया। गुस्साए लोगों ने पुलिस के खिलाफ हंगामा करते हुए हाईवे जाम कर दिया तथा थाने के गेट पर लगे फ्लेक्स बोर्ड फाड़ डाले। हंगामे के चलते दहशत में पूरा बाजार बंद हो गया। मौके पर पहुंचे पूर्व बसपा एमएलसी मेघराज जरावरे के हस्तक्षेप के बाद युवक शांत हुए तथा दो पुलिस कर्मियों की नामजद तथा एक अज्ञात के विरुद्ध तहरीर दी। एसपी देहात ने आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
सरसावा के मोहल्ला पश्चिमी अफगानान के चूहड़ सिंह ने बताया कि शुक्रवार की रात पुलिस एक धार्मिक कार्यक्रम से उसके युवा पुत्र धर्मेंद्र को किसी मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर थाना ले गई। जैसे ही उन्हें सूचना मिली वे रात करीब 11 बजे थाने पहुंचे तथा धर्मेंद्र को खाना खिलाकर घर वापस लौट आए।
शनिवार शाम उनके पास थाने में से फोन आया की उनके पुत्र ने फांसी लगाकर जान दे दी है। जब वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने बताया कि उनके पुत्र का शव अंबाला रोड पर ग्राम सोराना के पास एक पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला था, लेकिन पुलिस ने अज्ञात जानकर उसका पोस्टमार्टम करा दिया है।
ये सुनते ही परिजन आगबबूला हो गए और पुलिस पर अपने पुत्र की हत्या का आरोप लगाकर हंगामा करना आरंभ कर दिया। सूचना मिलते ही दलित समाज के सैकड़ों लोग एकत्रित होकर थाना पहुंचे और थाना को घेर लिया। पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और हाईवे पर जाम लगा दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र की पुलिस ने हिरासत में लेकर बेरहमी से पिटाई की है।
जिससे धर्मेंद्र की मौत हो गई। पुलिस ने अपनी जान बचाने के लिए नई कहानी बना ली और उसकी मौत को आत्महत्या बता दिया। उसे अंबाला रोड पर पेड़ पर फांसी लगाने की बात कहते हुए उसका अज्ञात में पोस्टमार्टम करा दिया। जबकि वह खुद उससे थाना में मिलकर आए थे। पुलिस ने धर्मेंद्र के साथ क्रूरता दिखाई। लोगों ने दोषी पुलिसकर्मियों के हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई करने की मांग की। हंगामे की बीच पूर्व बसपा एमएलसी मेघराज जरावरे तथा एसपी देहात की वार्ता के बाद तीन पुलिस कर्मियों का आरोपी बनाते हुए तहरीर देने के बाद ही शांत हुए।
डॉक्टर धर्म सिंह सैनी ने दी आंदोलन की चेतावनी
हंगामा करतीं महिलाएं
घटना की सूचना मिलते ही निवर्तमान विधायक एवं भाजपा प्रत्याशी डाक्टर धर्मसिंह सैनी मौके पर पहुंचे और उन्होंने इस घटना को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि सपा के शासन में थानों का हाल साफ पता चल रहा है। उन्होंने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों को शीघ्र ही सजा नहीं दी गई और मृतक के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
लोगों ने की 10 लाख के मुआवजे की मांग
धर्मेंद्र की मौत से आक्रोशित लोगों ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने एवं मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है।
दो दिन पहले भी पुलिस की बर्बरता सामने आई
सहारनपुर। दो दिन पहले भी इसी प्रकार की घटना रामपुर मनिहारान थाने में सामने आई जहां दूध व्यापारी राकेश अरोड़ा हत्याकांड में उनके चालक सुनील कुमार को पुलिस ने हिरासत में लेकर बर्बरता से थर्ड डिग्री देकर प्रताड़ित किया। जिसको लेकर लोगों ने सड़क जाम कर हंगामा किया। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
थाना प्रभारी समेत चार निलंबित
सहारनपुर। सरसावा थाना में हिरासत में लिए गए युवक की मौत के मामले में लापरवाही पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लव कुमार ने थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। मृतक के पिता चूहड़ सिंह द्वारा दर्ज कराए गए अभियोग के आधार पर एसओ संजय पांडेय, कांस्टेबल संदीप कुमार, रविंद्र कुमार तथा जितेंद्र को निलंबित कर दिया है।