आजमगढ़ में एंटी करप्शन गोरखपुर की टीम ने गुरुवार को उपनिबंधक फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिट्स कार्यालय में तैनात लिपिक अजय यादव को दो हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। लिपिक ने एक एनजीओ के रजिस्ट्रेशन के लिए रुपये मांगे थे। एंटी करप्शन गोरखपुर के निरीक्षक चंद्रभान मिश्र की तहरीर पर सिधारी थाने में मुकदमा दर्ज कर उसका चालान कर दिया गया।
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जौनपुर के सिकरारा थाने के खेतनपुर गांव निवासी अजय यादव काफी दिनों से उपनिबंधक फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिट्स कार्यालय में तैनात था। शहर कोतवाली मऊ के सादातपुरा ब्रह्मस्थान के रहने वाले राकेश सिंह ने एक एनजीओ के रजिस्ट्रेशन के लिए कार्यालय में आवेदन किया था। लिपिक अजय यादव ने राकेश सिंह से तीन हजार रुपये मांगे। उसने कहा कि रुपये मिलने पर ही फाइल आगे बढ़ेगी।
राकेश ने एक सामाजिक संगठन प्रयास के पदाधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने एंटी करप्शन विभाग गोरखपुर से संपर्क किया। टीम की योजना के तहत गुरुवार को राकेश सिंह दो हजार रुपये लेकर चिट फंड कार्यालय पहुंचा और लिपिक को रुपये दे दिए। जैसे ही उसने रुपये अपनी जेब में रखे एंटी करप्शन टीम ने उसे पकड़ लिया।
बाद में उसे सिधारी थाने को सौंप दिया। प्रभारी निरीक्षक सिधारी प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि एंटी करप्शन विभाग गोरखपुर के निरीक्षक चंद्रभान मिश्रा की तहरीर पर अजय यादव के खिलाफ केस दर्ज कर उसका चालान कर दिया गया है।