चेतगंज थाना क्षेत्र के पितरकुंडा तिराहे के समीप हबीबपुरा में मंगलवार रात दो मंजिला मकान में अवैध तरीके से पटाखा बनाने के दौरान हुए विस्फोट में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। दो शिफ्ट में रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर एनडीआरएफ की टीम ने बुधवार सुबह पांचवां शव मलबे से निकाला। सभी मृतकों को बुधवार रात गुलाब बाग स्थित कब्रिस्तान में दफना दिया गया।
मरने वालों की शिनाख्त सरफराज (24), आमना (42) और उसकी बेटी जेबा (25), शबा (20) व निम्मो उर्फ शीबा (13) के रूप में हुई है। इनमें जेबा, शबा और निम्मो सगी बहनें तथा आमना की बेटियां थीं। इस बीच विस्फोट में घायल सभी छह लोगों की हालत स्थिर है। उधर, विस्फोट वाले मकान के सभी पुरुष गिरफ्तारी के डर से भाग गए हैं। इलाके में तनाव को देखते हुए चार थानों की फोर्स, पीएसी और क्यूआरटी लगाई गई है।
धमाके के बाद मकान की गिराऊ स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ ने उसे ढहाने का सुझाव दिया है। प्रशासन इसे जल्दी ही ढहाएगा। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मकान से भारी मात्रा में बारूद, पत्थर की छर्री, सुतली, 350 बड़े सुतली बम, बांस के कटे टुकड़े और तरह-तरह के पटाखे बरामद किए गए हैं। बुधवार को एटीएस, एसटीएफ, बीडीएस और फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। विस्फोटक पदार्थों का सैंपल विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेजा जाएगा।
हबीबपुरा में यूसुफ शाह के कब्रिस्तान से सटा हुआ मो. हनीफ का मकान है। उनकी मौत के बाद मकान में उनके बेटे हमीद, हबीब, सईद व बेटी आमना के परिवार के साथ ही किरायेदार अशरफ उर्फ बबलू और अनीस का परिवार रहता है। आठ कमरे के इस मकान में 37 लोग रहते थे। मंगलवार रात सवा सात बजे मकान में अवैध तरीके से पटाखा बनाने का काम चल रहा था। एक कमरे में खाना भी बन रहा था। इसी दौरान बारूद से चिंगारी निकली और एक-एक कर दो धमाके हुए। धमाके से एक कमरे की छत उड़ गई और उसकी दीवार पड़ोसी के मकान पर जा टिकी। साथ ही, घर के पिछले हिस्से की चहारदीवारी का आधा हिस्सा ढह गया। कई लोग मलबे में दब गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सईद की पत्नी शबनम, मंतसा, सानिया, रजिया, पड़ोसी मुमताज सहित छह लोगों को अस्पताल पहुंचाया। रात 11 बजे परिवार के कुछ लोग घर लौटे और अन्य सदस्यों को खोजने लगे। शोर मचा कि पांच-छह लोग मकान के मलबे में दबे हैं। इलाकाई लोगों, पुलिस और एनडीआरएफ ने नदेसर निवासी सरफराज, आमना, जेबा, शबा और निम्मो के शव मलबे से बाहर निकाले गए।