आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र के नर्वे गांव में गत 27 अक्तूबर शुक्रवार को गोली मारकर की गई स्कूल संचालक और बसपा नेता के पुत्र अखिलेश गौतम की हत्या उसके बड़े भाई अरविंद गौतम ने ही की थी। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर अरविंद ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
पुलिस के अनुसार अरविंद ने बताया कि अखिलेश अपनी प्रेमिका से शादी करके उसको साथ रखना चाहता था। जबकि परिवार के लोग पक्ष में नहीं थे। इसलिए अखिलेश की हत्या की। अरविंद की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रिवाल्वर और खोखा शौचालय की टंकी तोड़कर बरामद किया।
घटना के तीसरे दिन रविवार को एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने हत्या का खुलासा कर दिया। एसपी सिटी के मुताबिक नर्वे गांव निवासी बलिहारी गौतम दिल्ली के नागिन बिहार नजफगढ़ में रहते थे। वह दिल्ली में बसपा के कैडर नेता थे। वहीं पर घर के पास इनका एक अंबेडकर इंटर कालेज चलता है।
बलिहारी के दो बेटे और एक बेटी है। बलिहारी के दो बेटों में बड़ा अरविंद और छोटा अखिलेश था। शहर के एक प्राइवेट विद्यालय में पढ़ते समय अखिलेश का दूसरे बिरादरी की लड़की से प्रेम प्रसंग था। वर्ष 2015 में इन दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। 26 अक्तूबर की रात अखिलेश और अरविंद में पुन: विवाद हुआ।
इसके बाद अरविंद ने योजनाबद्ध तरीके से 27 अक्तूबर की सुबह साढ़े सात बजे दोनों बाडीगार्ड और चालक को ठेकमा बाजार से नाश्ता लाने भेज दिया। जबकि आंगन के चारपाई पर बैठे अखिलेश को ताबड़तोड़ चार गोलियां मारकर हत्या कर दी।
एसपी सिटी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर एसओ बरदह सुरेश चंद्र पहुंच गए। इनके पहुंचने के काफी देर बाद सीओ लालगंज और मैं पहुंचा। रास्ते में एसओ से बात होने पर उन्होने जो घटनाक्रम बताया। उससे शक अरविंद पर शक हुआ।