एडल्ट वेबसाइट्स के मकड़जाल में शहर के लोग भी फंस रहे हैं। इसका खुलासा रविवार की देर रात तब हुआ जब एक एडल्ट वेबसाइट पर मिले मोबाइल नंबर से एक महिला से हुई दोस्ती गौरव पंसारी और उसके दोस्त मोहित केजरीवाल की जान पर बन आई। गौरव जिस नंबर पर बात करता था उसे इस्तेमाल करने वाली अपराजिता ने आर्थिक मदद के लिए उसे संस्कृत विश्वविद्यालय के समीप बुलाया। इसी दौरान मौके पर आया उसका पति अभिषेक, अपराजिता और उसके दो दोस्त विकास व गोलू ने गौरव और मोहित को पीटकर उनसे रुपया और मोबाइल छीना। छीनाझपटी के दौरान अभिषेक ने गोली चलाई जो गोलू के जबड़े में जा लगी।
सीओ चेतगंज अनुराग आर्या के नेतृत्व में गठित तीन टीमों ने एक देशी पिस्टल, दो कारतूस, लूट के पांच हजार रुपये, एक बाइक के साथ कैलगढ़ कॉलोनी स्थित अपराजिता सिंह के घर से उसे, अभिषेक सिंह और विकास विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया। नाटीइमली निवासी गोलू का उपचार मलदहिया स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा है। बता दें कि औराई के कैशपुर के अभिषेक आैर बड़ागांव के रघुनाथपुर की अपराजिता ने प्रेम विवाह किया था।
सीओ चेतगंज ने बताया कि दुर्गाकुंड के गौरव पंसारी की दोस्ती एक एडल्ट डेटिंग वेबसाइट पर मिले नंबर के जरिये चेतगंज के कैलगढ़ कॉलोनी की अपराजिता सिंह से हुई थी। दोनों में बातचीत बढ़ी तो अपराजिता ने गौरव से कहा कि उसे पांच-छह हजार रुपये की जरूरत है। उसकी बात में आकर गौरव अपने दोस्त मोहित के साथ स्कूटी से रुपये देने के लिए पहले से तय स्थान संस्कृत विवि के गेट पर पहुंचा और उसे फोन किया। इस पर अपराजिता ने कहा कि वीसी आवास गेट के सामने तिराहे पर आओ। गौरव के वहां पहुंचते ही एक बाइक से तीन और युवक आए। अपराजिता ने तीनों युवकों से कहा कि ये गौरव और इसका दोस्त काफी पैसे वाला है, इन दोनों को मारकर इनका सब कुछ छीन लो। तीनोें ने गौरव की जेब से जबरन पांच हजार रुपये निकाल लिए। मोबाइल छीनने पर गौरव ने विरोध किया तो अभिषेक ने उस पर निशाना साधकर गोली चलाई। गौरव झुक गया तो गोली गोलू के जबड़े में जा लगी। सीओ चेतगंज ने बताया कि गोलू के स्वस्थ होते ही उसे भी जेल भेजा जाएगा। पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि गोली चलाने वाला अभिषेक ही अपराजिता का पति है और विकास व गोलू उसके दोस्त हैं।
सीओ चेतगंज ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि अकेला गौरव ही अपराजिता का शिकार नहीं हुआ। पहले भी पांच लोगों के साथ ऐसी ही वारदात की बात उसने स्वीकार की। हालांकि इज्जत बचाने के चक्कर में कोई भुक्तभोगी पुलिस के पास नहीं आया। वहीं, अपराजिता का कहना था कि मुहल्ले वालों के लगातार विरोध के चलते उसने गौरव को घर से दूर बुलाया था। साथ ही, वह उसे अपने ठिकाने के बारे में भी नहीं बताना चाहती थी। जब उसने गौरव के साथ एक और लड़के को देखा तो लगा कि दोनोें संपन्न घर के हैं और उनके पास ज्यादा रकम व और एटीएम वगैरह भी होंगे। अपराजिता का कहना था कि वो इसी तरह से लड़कों को फंसाती थी और फिर उन्हें लूटकर भगा देती थी। उसे यह पता था कि कोई पुलिस के पास नहीं जाएगा और शिकार हुआ व्यक्ति दोबारा फोन भी नहीं करेगा। उधर, कैलगढ़ कॉलोनी के लोगों का कहना था कि अपराजिता के घर में आए दिन नए-नए चेहरे आते थे। इस पर आपत्ति जताने पर वह झगड़े पर आमादा हो जाती थी।