मानसिक अस्पताल ले गए थे परिवारीजन मगर गेट से ही भागा
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वाराणसी के कैंट थाना अंतर्गत सिकरौल निवासी अश्वनी चौहान उर्फ पारुल ने शुक्रवार को तलवार से मां बबिता उर्फ चंचल देवी और ममेरी बहन सारिका को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद सर्किट हाउस के समीप शीतला मंदिर के सामने सरेराह तलवार भांजने लगा। कैंट पुलिस भी उसका उत्पात देखकर एकबारगी पीछे हट गई।
लोगों की मदद से किसी तरह से उसे कैंट थाने ले जाया गया। घटना के चलते लगभग डेढ़ घंटे अफरातफरी रही।
चौबेपुर का मूल निवासी पारुल अपनी मां के साथ सिकरौल स्थित ननिहाल में रहता है।
परिवारीजनों के अनुसार उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। शुक्रवार को उसे पांडेयपुर स्थित मानसिक अस्पताल में ले जा रहे थे। इसी दौरान वह गेट से भाग निकला। पीछे-पीछे उसकी मां भी भागकर आई।
इसी दौरान उसने घर में रखी पुरानी तलवार से मां और ममेरी बहन के सिर व गर्दन पर वार कर घायल कर दिया। किसी तरह से दोनोें घर से भागीं तो लोगों ने दीनदयाल अस्पताल पहुंचाया।
वहां से डॉक्टरों ने बीएचयू अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद पारुल घर के समीप स्थित शीतला मंदिर के सामने तलवार भांजने लगा। समझाने जा रहे लोगों को वह दौड़ा ले रहा था। पारुल के खिलाफ कैंट थाने में 7-सीएलए सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
उधर, परिवारीजनों ने बताया कि पारुल कई प्रकार के नशे का आदी था। इसी के चलते उसकी मानसिक स्थिति खराब हुई। एक साल पहले पत्नी भी छोड़कर चली गई। इसका कसूरवार वह मां को ठहराता था।