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जौनपुरः इंजेक्शन लगाते ही महिला की मौत, नर्सिंगहोम में तोड़फोड़

Wed, 26 Apr 2017 08:13 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,जौनपुर
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निलंबित संविदा कर्मी ने लगाया था इंजेक्शन, संचालक फरार - फोटो : अमर उजाला
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जौनपुर जिले के मुंगराबादशाहपुर में अवैध रूप से संचालित एक नर्सिंग होम में भर्ती उल्टी दस्त से पीड़ित महिला को बुधवार को इंजेक्शन लगाते ही उसकी मौत हो गई। गुस्साए परिवारीजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए तोड़फोड़ की। लोगों का गुस्सा देख अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गया।
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आरोप है कि अस्पताल संचालक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीबी हेल्थ विजिटर पद पर संविदा पर तैनात था जहां से उसे निलंबित किया जा चुका है। उसने ही महिला को इंजेक्शन लगाया था। 

थाना क्षेत्र के पकड़ी गोदाम निवासी प्रेम चन्द्र कसौधन की पत्नी सुमन गुप्ता (27) को मंगलवार की रात उल्टी दस्त की शिकायत हुई तो परिवारीजनों ने  उसे कस्बे में स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हास्पिटल को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से निलंबित स्वास्थ्य कर्मचारी चलाता है।
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बुधवार को सुबह तक सुमन की हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसने महिला को इलाहाबाद ले जाने की सलाह दी। आरोप है कि परिवारीजन महिला को इलाहाबाद ले जाने की तैयारी कर रहे थे तभी संचालक ने यह कहते हुए महिला को इंजेक्शन लगा दिया कि इससे मरीज़ आराम से इलाहाबाद पहुंच जाएगा।

इंजेक्शन लगते ही महिला की मौत हो गई। जबकि इससे पहले वह लोगों से बातचीत कर रही थी। महिला की मौत को देख बौखलाए परिवारीजनों ने पास में ही मौजूद अस्पताल संचालक को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह मौके से फरार हो गया।

गुस्साए लोगों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। किसी ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर लोगों को शांत कराया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ।
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बिना डाक्टर के ही चलता है नर्सिंग होम

मुंगराबादशाहपुर के जिस अस्पताल में इंजेक्शन लगाने से महिला की मौत हुई है वहां किसी डाक्टर की तैनाती नहीं है। आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से निलंबित संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी खुद लोगों का इलाज करता है। करीब छह माह पूर्व सीएमओ के निर्देश पर नर्सिग होम की जांच की गई थी। जांच में भी इस बात का खुलासा हुआ था कि यहां कोई डाक्टर तैनात नहीं है। सीएमओ ने नर्सिंग होम को सीज करने का आदेश दिया था लेकिन आजतक अस्पताल धड़ल्ले से चल रहा था। इसके पहले अस्पताल संचालक की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी आरपी सिंह के साथ मारपीट का केस भी मुंगराबादशाहपुर थाने में दर्ज है। इसके अलावा जौनपुर में बदलापुर के चिकित्साधिकारी के वाहन का शीशा तोड़ने के आरोप में वह जेल की हवा भी खा चुका है। 
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