गाजीपुर जिले के रेवटी मालीपुर गांव के बाहर बीते एक जनवरी को एक युवती की जली हुआ लाश मिलने से सनसनी मच गई थी।
यह लाश गांव के बाहर स्थित पोखरे के पास बोरे में बांधकर फेंकी दी गई थी। शव की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
युवती शव की शिनाख्त को लेकर उहापोह अभी भी बरकरार है। पुलिस की मौजूदगी में सोमवार को शव की पहचान पिता ने की, लेकिन उसकी मां ने उसे पहचानने से इंकार कर दिया।
पहचान के लिए चल रहे उहापोह को समाप्त करने के लिए पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। इस दिशा में पहल शुरू कर दी गई है। सोमवार को पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने के संबंध में एक पत्र सीएमओ कार्यालय को भेजा है।
गौरतलब है कि गांव के ग्रामीण रविवार की सुबह पोखरे की तरफ गए हुए थे। उसी दौरान ग्रामीणों की नजर एक बंद बोरे पर पड़ी। जिसमें किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बंद बोरे को खुलवाया तो बोरे में जली युवती के शव को देखकर हैरत में पड़ गए। युवती की लाश काफी जली होने के चलते उसे पहचान पाना मुश्किल हो गया था।
इसी बीच वहां पहुंचे लक्ष्मी कुशवाहा ने उसकी पहचान अपनी पुत्री रीना कुशवाहा के रूप में की थी, लेकिन जब लक्ष्मी कुशवाहा की पत्नी वहां पहुंची तो मृतका को अपनी पुत्री बताने से इंकार कर दिया।
ऐसे में पुलिस युवती की पहचान को लेकर उहापोह में फंसी हुई है।
पुलिस इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए डीएनए टेस्ट कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही पहचान के साथ मामले की गुत्थी सुलझ सकती है।