वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में प्रस्तावित मणिकर्णिका घाट से बाबा विश्वनाथ मंदिर तक का रास्ता और चौड़ा किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कॉरिडोर के नक्शे में बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाने पर काम करने को कहा है। सीएम के निर्देश के बाद कंसलटेंट कंपनी ने अपना काम शुरू कर दिया है।
25 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बन रहे मंदिर कॉरिडोर का निर्माण 4 फेज में होना है। इसके लिए कंपनी ने नक्शा तैयार किया था, जिसका प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री के समक्ष शुक्रवार की देर शाम मंदिर कार्यालय में किया गया। मुख्यमंत्री ने इसकी विस्तृत जानकारी ली तो मंदिर से घाट तक जाने वाले रास्ता काफी संकरा दिखा। इस पर उन्होंने इस मार्ग की चौड़ाई को बढ़ाने को कहा। ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान कर मंदिर में सीधे प्रवेश कर सकें। उन्होंने कई और निर्देश देते हुए श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधा की बात कही।
डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के लिए हो व्यवस्था
उन्होंने कहा कि अगर बड़े आयोजनों जैसे कि सावन मास और शिवरात्रि पर एक से सवा लाख श्रद्घालु एक दिन में आते हैं तो इस कॉरिडोर में अधिक से अधिक लोगों के मंदिर परिसर में रहने की व्यवस्था होनी चाहिए। इसलिए डेढ़ लाख से अधिक लोगों के एक साथ रहने की व्यवस्था होनी चाहिए। विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कॉरिडोर के नक्शे में कुछ आंशिक संशोधन किए जा रहे हैं। इस संशोधन के बाद ही अब आगे टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।