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नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने का आरोपी गिरफ्तार

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वाराणसी। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 15 लाख रुपये ऐंठने के आरोपी रमाशंकर मिश्रा को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की टीम ने बुधवार को मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के जैतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। रमाशंकर की बीते सात साल से ईओडब्ल्यू तलाश कर रही थी। आरोपी रमाशंकर मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर ईओडब्ल्यू की टीम शहर आएगी।
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शिवपुर थाने में रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपये ऐंठने के आरोप में वर्ष 2011 में मुकदमा दर्ज किया गया था। 2012 में मुकदमे की विवेचना ईओडब्ल्यू को सौंपी गई। ईओडब्ल्यू के वाराणसी सेक्टर के एसपी सतेंद्र कुमार ने बताया कि विवेचना के दौरान प्रयागराज जिले के कोराव थाना के मुरलीपुर गांव निवासी रमाशंकर मिश्र का नाम बतौर आरोपी सामने आया। बीते सात साल से रमाशंकर की तलाश की जा रही थी, लेकिन वह अपने ठिकाने बदलता जा रहा था। इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा को रमाशंकर की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। इंस्पेक्टर सुनील ने पता लगाया तो सामने आया कि रमाशंकर शहडोल जिले के जैतपुर क्षेत्र में छुपा हुआ है। रमाशंकर के छुपने के ठिकाने की पुष्टि होने पर इंस्पेक्टर सुनील ने मध्य प्रदेश पुलिस के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया। रमाशंकर के खिलाफ प्रयागराज जिले के कोराव थाना में भी धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज है।
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खुद पीडि़त बन कर 19 लोगों को कराया गिरफ्तार
आरोपी रमाशंकर ने पुलिस के साथ भी धोखाधड़ी की और 19 लोगों को गिरफ्तार करा कर जेल भेजवाया। इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि नौकरी का झांसा देकर रमाशंकर ने 50 से 60 लोगों को चूना लगाया। लोगों को जब पता लगा कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है तो उन्होंने रमाशंकर की घेरेबंदी शुरू की। इस पर रमाशंकर ने पीडि़तों के खिलाफ ही नौकरी का झांसा देकर रुपये ऐंठने के आरोप में मार्च 2011 में मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा दर्ज करने के बाद शिवपुर पुलिस ने 19 लोगों को गिरफ्तार किया। अगस्त 2012 में प्रकरण ईओडब्ल्यू को सौंपा गया तो विवेचना के दौरान अभियुक्त के तौर पर रमाशंकर का नाम सामने आया।
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