वहीं महिला आयोग की सदस्य मीना चौबे ने बताया कि बाल विकास अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी को जल्द अपनी रिपोर्ट तैयार कर देने की बात कही है। उधर अनाथालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वार्डेन को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा चेतगंज थाने में उनके खिलाफ धारा 324 और जेजे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। उधर आगमन संस्था के अनुसार उनके सचिव डॉ संतोष ओझा ने न्याय की गुहार लगाई। साथ ही प्रोबेशन अधिकारी को जानकारी देने के साथ चेतगंज थाने में वार्डन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
बच्चों के खेलने और व्यायाम की व्यवस्था नहीं :
जांच अधिकारियों ने पाया कि काशी अनाथालय में बच्चों के खेलने और व्यायाम के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। अनाथालय में नवजात शिशु से लेकर किशोर बड़ी बच्चियों तक के खाने का कोई समय तय नहीं है। इसके अलावा अनाथालय में बच्चों के सोने, उठने, बैठने की भी व्यवस्थाओं में कमियां है। जांच में इन बातों के उजागर होने के बाद काशी अनाथालय के अधिकारी और कर्मचारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।