वाराणसी। 50 हजार का इनामी बदमाश और ढाई दर्जन गंभीर आपराधिक मामलों के आरोपी झुन्ना पंडित उर्फ श्रीप्रकाश मिश्रा और उसके गुर्गों का मन यूं ही नहीं बढ़ा। बीते 11 दिन से झुन्ना और उसके गुर्गे कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहे थे और पुलिस सिर्फ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई तक ही सीमित थी। मढ़वा के ग्रामीणों का कहना था कि यदि पुलिस ने झुन्ना और उसके गुर्गों को लेकर सख्ती दिखाई होती तो दिव्यांग दिलीप की हत्या न होती।
मढ़वा निवासी दिव्यांग चाय-पान विक्रेता दिलीप पटेल की हत्या के बाद मंगलवार को उसके छोटे भाई प्रदीप उर्फ मामू ने बताया कि 24 अगस्त की रात रवि पटेल सहित नौ बदमाशों ने घर में घुसने का प्रयास किया था। घर का शटर न टूट पाने पर रवि ने जान से मारने की धमकी दी थी और कहा था कि आकर झुन्ना भैया से मिल लेना। प्रदीप की तहरीर पर कैंट थाने में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन पुलिस किसी बदमाश को गिरफ्तार नहीं कर सकी।
इसके बाद 28 अगस्त की रात सथवा के पूर्व प्रधान राजेश पटेल मढ़वा स्थित अपनी ससुराल गए थे। रात करीब 11 बजे झुन्ना और उसके गुर्गों ने बगैर नंबर की काले रंग की स्कार्पियो से राजेश का अपहरण कर लिया। जमीन की बिक्री में मिले रुपयों में से 50 लाख की रंगदारी देने के लिए रात ढाई बजे तक राजेश की पिटाई की गई। राजेश के अपहरण की सूचना उसके करीबी प्रदीप ने पुलिस को दी तो रात करीब तीन बजे उसे मुक्त कराया गया। इस वजह से प्रदीप खासतौर से झुन्ना के निशाने पर था। पुलिस ने आश्वस्त किया था कि 24 घंटे में बदमाश पकड़े जाएंगे, लेकिन कोई गिरफ्तार नहीं किया जा सका। इससे पहले 22 जुलाई की रात पहडि़या क्षेत्र में पाइप व्यवसायी की हत्या और पांच लाख की लूटपाट में भी झुन्ना का नाम आया था, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।
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वारदात में शामिल बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच सहित पांच टीमें लगाई गई हैं। झुन्ना के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर उसकी संपत्तियां जब्त कराई जाएगी। उसके खिलाफ रासुका के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। - आनंद कुलकर्णी, एसएसपी
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प्रदीप के बारे में पूछा और की 15 से 16 राउंड फायरिंग
मढ़वा गांव स्थित पोखरे के समीप दिलीप की चाय-पान की गुमटी है। चार भाइयों में तीसरे नंबर का दिलीप और उसका छोटा भाई प्रदीप उर्फ मामू गुमटी पर बैठते हैं। प्रदीप सथवा के पूर्व प्रधान राजेश पटेल के साथ जमीन की खरीद-बिक्री का काम भी करता है। ग्रामीणों के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे बाइक सवार तीन बदमाश आए। एक हेलमेट पहने हुए था और दो गमछे से चेहरा बांधे हुए थे। दो बदमाश बाइक से उतरे और प्रदीप के बारे में पूछा तो दिलीप ने अनभिज्ञता जताई। इस पर एक बदमाश ने दोनों हाथ और एक बदमाश ने एक हाथ में पिस्टल लेकर फायरिंग शुरू कर दी। ग्रामीणों ने बताया कि बदमाशों ने 15 से 16 राउंड फायर किए। दोनों बदमाश ललकार रहे थे कि जिसमें दम हो वह सामने आए और अंजाम देखे। वहीं, पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने दो पिस्टल की पूरी मैगजीन खाली कर दी।
दहशत फैलाने के लिए की दिलीप की हत्या
झुन्ना और उसके दोनों गुर्गे प्रदीप की हत्या करने के लिए आए थे, लेकिन उसके बारे में बड़ा भाई दिलीप जानकारी नहीं दे सका। दहशत फैलाने के लिए झुन्ना और उसके गुर्गे ने दिलीप पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। दिव्यांग होने के कारण वह भाग भी नहीं पाया। फायरिंग के दौरान गुमटी के इर्दगिर्द बैठे लोगों में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों का कहना था कि संयोग था कि कोई अन्य गोली का शिकार नहीं हुआ।
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वरुणा पार क्षेत्र में धाक जमाना चाहता है झुन्ना
झुन्ना और उसके दोनों गुर्गों ने दहशत फैलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। हत्या करने के बाद लमही की ओर भागने के दौरान मढ़वा के ग्राम प्रधान के घर के पीछे झुन्ना ने फायरिंग की और चीखता रहा कि अभी कई लोग मरेंगे। जो हमारे रास्ते में आएगा, वह मारा जाएगा। बता दें कि वरुणा पार इलाके में कैंट और सारनाथ थाना क्षेत्र की कई विवादित जमीन की पंचायत में झुन्ना का नाम हाल के दिनों में प्रमुखता से सामने आया। रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत जमीन में जिन किसानों को मुआवजा मिला है, वे झुन्ना के निशाने पर हैं और उनसे रंगदारी मांगता है। जमीन विवाद और रंगदारी न देने के कारण ही पूर्व प्रधान राजेश पटेल और प्रदीप से झुन्ना की अदावत हुई। वहीं, झुन्ना आमजन के बीच अपनी छवि को सामाजिक दिखाने के लिए नेताओं के साथ फोटो खिंचवा कर इन दिनों सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा था।
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ग्रामीणों ने किया हंगामा, मां-बाप बेसुध
दिलीप की हत्या के बाद पुलिस अधिकारी मढ़वा पहुंचे तो ग्रामीणों और सरदार सेना के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि बदमाशों को गिरफ्तार किया जाए, तब दिलीप का शव पोस्टमार्टम के लिए जाने देंगे। सभी पांडेयपुर-आजमगढ़ मार्ग जाम करने के लिए बढ़े, लेकिन पुलिस ने सख्ती से सभी को रोक दिया। उधर, दिलीप की हत्या के बाद पिता शिवचरण पटेल और मां तीजा देवी की हालत बेसुधों जैसी थी। उनका कहना था कि दिलीप को घर और गुमटी के अलावा किसी से मतलब ही नहीं था, फिर बदमाशों ने उसकी हत्या क्यों की। दिलीप के तीनों भाइयों अशोक, अरविंद और प्रदीप का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क किनारे दिलीप की गुमटी के होने के कारण दिन भर भीड़ लगी रहती थी और क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री कराने वालों का भी उठना-बैठना होता था।
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बनारस के साथ गाजीपुर और आजमगढ़ में पुलिस की छापेमारी
इनामी बदमाश झुन्ना की तलाश में पुलिस टीमों ने कैंट और सारनाथ क्षेत्र के साथ ही गाजीपुर और आजमगढ़ जिले में छापेमारी की। झुन्ना की धरपकड़ के लिए पड़ोसी जिलों की पुलिस की मदद भी ली जा रही है। उसके चार करीबियों को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की, लेकिन झुन्ना का पता नहीं लगा। सोयेपुर निवासी झुन्ना के खिलाफ लूट का पहला मुकदमा 2007 में सारनाथ थाने में और हत्या का पहला मुकदमा 2010 में सारनाथ थाने में दर्ज किया गया था।
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पिछले साल एनकाउंटर के डर से झुन्ना ने किया था समर्पण
इनामी बदमाश झुन्ना पंडित की गिरफ्तारी पर वर्ष 2018 में 25 हजार का पुरस्कार घोषित किया गया था। 12 दिसंबर 2018 को पुलिस को चकमा देकर झुन्ना ने अदालत में समर्पण कर दिया था। उस समय झुन्ना ने कहा था कि वह एनकाउंटर के डर से समर्पण कर रहा है। हालांकि साल भर भी नहीं बीता और झुन्ना बेखौफ तरीके से फिर अपराध करने लगा।
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गंभीर वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाश नहीं चढ़े हत्थे
जिले में हाल के महीनों में गंभीर किस्म के अपराध करने वाले बदमाश पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके। 17 मई और दो जून को मंडुवाडीह क्षेत्र की दो वृद्धाओं की हत्या की गई, लेकिन बदमाश आज तक गिरफ्तार नहीं किए जा सके। 22 जुलाई को पहडि़या क्षेत्र में पाइप व्यवसायी की हत्या कर पांच लाख रुपये लूटे गए, लेकिन वारदात का मास्टर माइंड डॉक्टर और झुन्ना पंडित गिरफ्तार नहीं किए जा सके। 30 जुलाई की रात आदमपुर क्षेत्र में शीशा कारोबारी को गोली मार कर झोला लूटा गया, लेकिन बदमाश नहीं पकड़े जा सके। इसके अलावा कपसेठी क्षेत्र में सराफा कारोबारी से लूटपाट, लंका थाना क्षेत्र में बीएचयू के छात्र अधिष्ठाता की पत्नी से चेन स्नेचिंग व प्रधानाध्यापिका से चेन स्नेचिंग, चेतगंज क्षेत्र में झारखंड से आए व्यापारी से सवा लाख से ज्यादा की उचक्कागीरी, ककरमत्ता क्षेत्र की आभूषण की दुकान से हुई लूट जैसी वारदातों का खुलासा पुलिस नहीं कर सकी है।