बेटी की तिलक के लिए जुटाए थे पैसे और गहने
पहली घटना सारनाथ के खजुहीं निवासी रिटायर्ड फौजी के घर की है। रविवार रात घर में घुसकर चोरों ने नकदी और लाखों के जेवर चुरा लिए। सूचना पर पहुंची पुलिस मौका मुआयना तक ही सीमित रही। सारनाथ थाना अंतर्गत खजुहीं निवासी विनोद कुमार पांडेय आर्मी से हवलदार पद से सेवानिवृत हैं। नवंबर माह में अपनी बेटी शिल्पा पांडेय की तिलक के लिए रिश्तेदारों और सहयोगियों से पैसे इकट्ठा कर घर में रखे थे।
रात में चोर सीढ़ी लगाकर उनके मकान के दूसरे तल पर चढ़े और कमरे में सो रहे सुनील व उनकी पत्नी के कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी। इसके बाद सुनील के कमरे के सामने वाले कमरे में घुसकर अलमारी के लॉकर को तोड़कर साढ़े चार लाख रुपये नकद और लगभग पांच लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर चुरा ले गए।
सुनील ने बताया कि रात 12 बजे तक हम सभी लोग जग रहे थे। उसके बाद सभी अपने-अपने कमरे में चले गए। तीन बजे के लगभग नींद खुली और लघुशंका के लिए उठे तो दरवाजा बाहर से बंद था। इस पर नीचे सो रही मां सरोजा पांडेय को फोन कर ऊपर बुलाकर दरवाजा खुलवाया। जैसे ही हम दोनों की निगाह सामने खुले कमरे पर पड़ी तो हमारे होश उड़ गए।
प्राइवेट बैंक मैनेजर के घर से लाखों के जेवर चोरी
दूसरी घटना मिर्जामुराद क्षेत्र के अषाढ़ गांव में की है। रविवार की रात चोर बांस के सहारे छत पर चढ़कर एक प्राइवेट बैंक के मैनेजर विनोद पांडेय के मकान में प्रवेश किए। यहां सो रहे लागों के कमरे की कुंडी बाहर से बंद करने के बाद एक कमरे में रखी आलमारी से सोने का एक हार, एक चेन और दो अंगूठी चुरा ले गए। वहीं, कपड़ों से भरी अटैची को चोरों ने समीप के एक ट्यूबवेल के पास फेंक दिया।
सोमवार की सुबह शौच के लिए निकले ग्रामीणों ने फेंकी हुई अटैची को देखा तो पता लगा कि विनोद के घर में चोरी हुई है। विनोद वाराणसी स्थित प्राइवेट बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं और मीरापुर बसही में किराये के मकान में रहते हैं। विनोद ने चोरी हुए जेवर की कीमत चार लाख रुपये बताई। पीड़ित ने पुलिस को इसकी सूचना दी है।