इस सूचना पर इंस्पेक्टर शैलेश प्रताप सिंह, विपिन कुमार राय, अमित श्रीवास्तव और पुनीत परिहार की टीम ने घेरेबंदी की तो शिवप्रकाश ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में शिवप्रकाश और उसके गुर्गे प्रयागराज के घूरपुर थाना के जसरा का मनीष केसरवानी व नैनी थाने के चकराना तिवारी का अंजनी सिंह गिरफ्तार किए गए।
पूछताछ में शिवप्रकाश ने बताया कि प्रयागराज में मारे गए छात्रनेता सुमित शुक्ला और अमरनाथ दोस्त थे। सुमित के माध्यम से अमरनाथ और शिवप्रकाश एक-दूसरे के करीब आए। अमरनाथ के सहयोग से वह हाजीपुर और पटना में छुप कर रहता था। इसके बदले में उसे विधायक सुशील सहित अन्य की हत्या करनी थी।
हिंदु युवा वाहिनी के प्रदेश संयोजक की हत्या में हो चुकी है उम्र कैद :
एसटीएफ के डिप्टी एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि 25 जुलाई 2011 को शिवप्रकाश ने बस्ती निवासी हिंदु युवा वाहिनी के प्रदेश संयोजक बीडी ओझा की हत्या की थी। इस प्रकरण में 2018 में शिवप्रकाश को उम्र कैद की सजा हुई और तभी से वह फरार चल रहा था। 2012 में बस्ती जेल में बंद होने के दौरान उसने बवाल करा दिया था और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
2014 में शिवप्रकाश ने अपने पट्टीदार के जमीन विवाद को लेकर बस्ती जिले के फेंसा गांव निवासी पिंटू शुक्ल की हत्या की थी। पांच अगस्त 2018 को प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र में शिवप्रकाश ने अपने दोस्त राजकुमार सहित अन्य के साथ चंद्रजीत यादव पर जानलेवा हमला किया था। 12 फरवरी 2019 को झूंसी क्षेत्र में शिवप्रकाश और मनीष केसरवानी ने राजदेव यादव की हत्या की थी। 31 मार्च 2019 को शिवप्रकाश और मनीष ने 12 लाख की सुपारी लेकर बिहार के सीवान निवासी बदमाश त्रिभुवन तिवारी की हत्या का प्रयास किया था।
बिहार पुलिस के सिपाही के कहने पर की वारदात, अंजनी और मनीष हैं गुर्गे :
बिहार पुलिस के सिपाही अभिषेक सिंह उर्फ बंटी के दोस्तों ने 20 जून 2019 को प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र निवासी व्यापारी और विहिप कार्यकर्ता विजय अग्रवाल पर जानलेवा हमला किया था। गिरफ्तार अंजनी और मनीष ने बताया कि अभिषेक ने अपने दोस्त संतोष यादव से व्यापारी विजय से 10 लाख की रंगदारी मंगवाई थी, लेकिन उन्होंने देने से इंकार कर दिया था। वहीं, शिवप्रकाश ने बताया कि अभिषेक सिंह उर्फ बंटी ने प्रयागराज में पढ़ाई की थी और इसी दौरान वह बदमाश राजुकमार यादव व संतोष यादव के संपर्क में आ गया था। अभिषेक के शूटर के तौर पर अंजनी और मनीष काम करते हैं। शिवप्रकाश ने बताया कि अभिषेक ने उसे भी बिहार में कई बार छुपने में मदद की।