बनारस पहुंचे भारतीय टीम के तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने युवाओं को सफलता के टिप्स देते हुए कहा कि खुद को सपोर्ट करें, खुद पर विश्वास करें तो सफलता आपके कदम चूमेगी।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट का टेस्ट संस्करण सबसे बेहतर है। मैं हमेसा टेस्ट प्लेयर कहलाना ही पसंद करूंगा। टेस्ट मैचों से खिलाड़ी की क्षमता और उसके खेल का पता चलता है।
हालांकि 20-20 और एकदिवसीय क्रिकेट ज्यादा होने के कारण टेस्ट मैंचों की संख्या पहले की अपेक्षा कम हो गई है। हालांकि टी-20 के फार्मेट ने नए खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए हैं।
सेठ एमआर जैपुरिया स्कूल के बाबतपुर कैंपस में आयोजित रूबरू कार्यक्रम के दौरान आरपी सिंह ने कहा कि क्रिकेट में बेंच स्ट्रेंथ मजबूत होने के कारण बेहतर खिलाड़ी टीम इंडिया का हिस्सा बन रहे हैं। सचिन तेंदुलकर मेरे आदर्श थे और हैं। मेरा सपना था कि उनके साथ खेलने का मौका मिले और वह सपना पूरा हुआ।