वाराणसी के मणिकर्णिका घाट स्थित महाश्मशान पर स्वामित्व के विवाद में रविवार को घंटे भर तक शवदाह बंद रहा। डोमराजा परिवार और लकड़ी व्यवसायियों का विवाद थाने तक पहुंचा, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। घंटे भर तक शवदाह बाधित रहा। चौक थाने में घंटों चली पंचायत के बाद निष्कर्ष निकला कि स्वामित्व का निर्णय नगर निगम ही करेगा।
सोमवार को निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया है। इसके बाद शवदाह आरंभ हुआ। रविवार दोपहर में डोम राजा परिवार और लकड़ी व्यवसायियों के बीच मणिकर्णिका घाट पर लकड़ी रखने का विवाद शुरू हुआ। दोनों पक्ष इस मामले में आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ा तो पुलिस को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान शवदाह भी रोक दिया गया।
बाहर से आए शवयात्रियों को न तो लकड़ी मिली और न ही चिता में लगाने के लिए आग। थानाध्यक्ष ने दोनों पक्षों की बात सुनी। मामला नगर निगम का होने के कारण सोमवार को निगम के अधिकारियों को निस्तारण के लिए बुलाया गया है। इसके साथ ही दोनों पक्षों को उपस्थित होने की हिदायत दी गई। इसके बाद पुलिस ने शवदाह को आरंभ करा दिया।
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