थोड़ी ही देर में डीएम राजेंद्र प्रसाद, एसपी राजेशप्त एस के तअलावा मिर्जापुर डीआईजी पीयूष श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंच गए। दोपहर बाद एडीजी वाराणसी पीवी रामाराव शास्त्री भी घटनास्थल पर पहुंचे। शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि विस्फोट कैसे हुआ है, इसकी जांच कराई जा रही है।
वहीं, डीआईजी मिर्जापुर पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि रोटहां गांव में पटाखों का कारोबार और लूम का काम होता था। कुल 12 लोग मरे है और घायलों का इलाज कराया जा रहा है। इस मामले की छानबीन के लिए स्पेशल टीम को बुलाया गया है।
तहकीकात के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि ये विस्फोट कैसे हुआ है। उधर घायल बुनकर शहंशाह(20) को वाराणसी के बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है।
इरफान मंसूरी (28), आबिद (20), कलाम (38), गफ्फार (25), आजाद (28), आलम (23), कादिर (22), इसराफिल (24), अताउर (42), मुसव्वर (23), सलीम (42), शुबहान (25) की मौत हो गई है।
चौरी के रोटहां में शनिवार को हुए विस्फोट के मामले में गाज गिरनी शुरू हो गई। शाम होते-होते एसपी ने थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह और चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार को निलंबित कर दिया। उक्त घटना में जांच के दायरे में कई विभाग आ रहे हैं। माना जा रहा है कुछ और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। वहीं दूसरी ओर अग्निशमन विभाग भी पुलिस महकमे से कम दोषी नहीं माना जा रहा है। चौरी समेत अन्य क्षेत्रों में खुलेआम बारूद और पटाखा के फैले कारोबार के पीछे खाकी के साथ अग्निशमन विभाग के अधिकारी भी लापरवाही के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं।
दो थानाध्यक्ष एक चौकी प्रभारी निलंबित
चौरी विस्फोट मामले में तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गाज गिर गई। पुलिस अधीक्षक राजेश एस ने चौरी थानाध्यक्ष अजय सिंह और चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार को निलंबित कर दिया है। साथ ही ऊंज थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार को भी निलंबित कर दिया गया है। इससे पूर्व प्रदीप कुमार चौरी थानाध्यक्ष थे।