विशेष निष्कर्ष नहीं निकलने पर आईआईटी कानपुर की तीन सदस्यीय टीम भी एचएस सिंह के नेतृत्व में पहुंची। टीम ने हाइड्रोलिक क्रेन पर सवार होकर पुल का गहन निरीक्षण किया। टीम क्रेन के जरिए पुल के सभी आठ पिलर के बगल में पहुंची। ऊपर से नीचे तक बारीकी से निरीक्षण किया।
पुल के प्रत्येक पिलर में तीन बेयरिंग हैं। ऐसे मे टीम ने सभी 24 बेयरिंग का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि कुछ बेयरिंग खतरनाक रूप से एक ओर झुकी है। जांच करने आई टीम ने बताया कि दो-तीन दिनों में दिल्ली की आईटीआई की टीम जांच करेगी। उनकी रिपोर्ट आ जाने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल पुराने पुल पर अवागमन प्रतिबंधित किया गया है।