-वर्ष 2007 या इसके पहले के जन्म वाले किशोर टीकाकरण के लिए पात्र होंगे।
-15 वर्ष या उससे अधिक वालों का कोविड पोर्टल पर पंजीकरण किया जा सकेगा।
-एक मोबाइल से छह लोगों के पंजीकरण की सुविधा रहेगी।
-केंद्र पर अभिभावकों को किशोरों के साथ उनका विद्यालय का परिचय पत्र भी लाना होगा।
-टीका लगने के बाद अगर कोई दुष्प्रभाव हो तो सूचना चिकित्सकीय टीम को देनी होगी।
बीएचयू सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाएगा। इसके लेवल थ्री श्रेणी में रखा गया है। यहां जरूरत पड़ने पर लेवल1 और लेवल 2 से मरीजों को रेफर किया जाएगा। जिस तरह से संभावित तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण की आशंका जताई जा रही है, उसको देखते हुए सभी कोविड अस्पतालों में बच्चों के लिए अलग वार्ड भी बनाया जाएगा। सीएमओ डा. संदीप चौधरी ने बताया कि बच्चों के लिए बीएचयू और दीनदयाल अस्पताल में पीआईसीयू और एनआईसीयू भी बनाया गया है। अगर कोई गंभीर बच्चा अस्पताल आता है तो उसका हर संभव बेहतर इलाज होगा।
कोरोना संक्रमण से बचाव की तैयारियों को परखने के लिए सोमवार और मंगलवार को जिले में बने कोविड अस्पतालों में जांच, इलाज आदि का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक होने वाले पूर्वाभ्यास के लिए सभी जगहों पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। नोडल अधिकारियों को पूर्वाभ्यास के बाद उसी दिन शाम छह बजे अपनी रिपोर्ट भी जिला सर्विलांस अधिकारी के पास भेजनी है। कहा कि इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से अधिकारी मरीजों के जांच, इलाज, नए वेरियंट को लेकर सर्विलांस गतिविधि, ऑक्सीजन प्लांट संचालन की भी समीक्षा करेंगे।
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