फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जमीन की अदला-बदली का मामला: काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास पर 300 रुपये का हर्जाना, अदालत ने दी चेतावनी

Mon, 16 Feb 2026 12:20 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास पर 300 रुपये का हर्जाना लगाने के साथ ही अदालत ने चेतावनी दी। जमीन की अदला-बदली के मामले में अदालत में जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया गया है। 
विज्ञापन
Kashi Vishwanath Dham - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़ी जमीन की कथित अदला-बदली के मामले में न्यायालय ने सभी पक्षकारों को अंतिम अवसर दिया है। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) खलीफा तुलिका बंधु की अदालत ने काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद, अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति और उत्तर प्रदेश सरकार को दावे के उत्तर में जवाबदेही दाखिल करने के लिए अंतिम मौका दिया है। साथ ही, न्यास परिषद के अधिवक्ता की ओर से और समय मांगने पर अदालत ने 300 रुपये का हर्जाना लगाते हुए चेतावनी दी कि यह अंतिम अवसर है।

विज्ञापन


इससे पहले वादी नित्यानंद राय की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि विपक्षी पिछले साल ही वाद की प्रति प्राप्त कर चुके हैं, बावजूद जवाब दाखिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सिविल प्रक्रिया संहिता के अनुसार 90 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करना अनिवार्य है, इसलिए देरी को स्वीकार न किया जाए और मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ाई जाए। 

इसे भी पढ़ें; Cough Syrup Case: अमित की ताकत के बूते सप्तसागर दवा मंडी का सिरप किंग बना शुभम, वर्चस्व के लिए दिखाई राह
विज्ञापन


बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने सात सितंबर 2024 को यह वाद दायर किया था। उनका कहना है कि काशी विश्वनाथ मंदिर से सटा प्लॉट संख्या 8276 (मौजा शहरखास) मंदिर की संपत्ति है। आरोप है कि अंजुमन इंतजामिया मस्जिद ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से क्रय किए गए भवन संख्या सी-38/12 व 13 के बदले जमीन को अपना बताकर अवैध रूप से अदला-बदली कर ली, जबकि उनका इस भूमि पर कोई वैध कब्जा नहीं था। 
विज्ञापन


वाद में 10 जुलाई 2021 की अदला-बदली को कानूनन शून्य घोषित करने और विश्वनाथ कॉरिडोर क्षेत्र में आने वाली अराजी संख्या 8276, 9130, 9131, 9132, 9133, 9134 व 9135 पर काशी विश्वनाथ मंदिर का स्वामित्व घोषित करने की मांग की गई है। अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें