काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़ी जमीन की कथित अदला-बदली के मामले में न्यायालय ने सभी पक्षकारों को अंतिम अवसर दिया है। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) खलीफा तुलिका बंधु की अदालत ने काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद, अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति और उत्तर प्रदेश सरकार को दावे के उत्तर में जवाबदेही दाखिल करने के लिए अंतिम मौका दिया है। साथ ही, न्यास परिषद के अधिवक्ता की ओर से और समय मांगने पर अदालत ने 300 रुपये का हर्जाना लगाते हुए चेतावनी दी कि यह अंतिम अवसर है।
इससे पहले वादी नित्यानंद राय की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि विपक्षी पिछले साल ही वाद की प्रति प्राप्त कर चुके हैं, बावजूद जवाब दाखिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सिविल प्रक्रिया संहिता के अनुसार 90 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करना अनिवार्य है, इसलिए देरी को स्वीकार न किया जाए और मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ाई जाए।
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बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने सात सितंबर 2024 को यह वाद दायर किया था। उनका कहना है कि काशी विश्वनाथ मंदिर से सटा प्लॉट संख्या 8276 (मौजा शहरखास) मंदिर की संपत्ति है। आरोप है कि अंजुमन इंतजामिया मस्जिद ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से क्रय किए गए भवन संख्या सी-38/12 व 13 के बदले जमीन को अपना बताकर अवैध रूप से अदला-बदली कर ली, जबकि उनका इस भूमि पर कोई वैध कब्जा नहीं था।
वाद में 10 जुलाई 2021 की अदला-बदली को कानूनन शून्य घोषित करने और विश्वनाथ कॉरिडोर क्षेत्र में आने वाली अराजी संख्या 8276, 9130, 9131, 9132, 9133, 9134 व 9135 पर काशी विश्वनाथ मंदिर का स्वामित्व घोषित करने की मांग की गई है। अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी।