मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) मनीष कुमार की अदालत ने कथित धोखाधड़ी कर सेवानिवृत्त शिक्षक की 50 करोड़ की जमीन हड़पने के मामले में गंगापुर रजिस्ट्री कार्यालय के उपनिबंधक अनिल कुमार, लिपिक सत्यांशु सिंह समेत दस लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश रोहनिया थाना प्रभारी को दिया है।
अदालत ने पूर्व में मामले में रोहनिया थाने से आख्या तलब की थी। साथ ही सरकारी कर्मचारी होने के कारण उपनिबंधक और लिपिक को नोटिस जारी कर उनका पक्ष भी मांगा गया था। दोनों अधिकारियों ने अदालत में आपत्ति दाखिल कर प्रार्थना पत्र निरस्त करने की मांग की थी, लेकिन पत्रावली और उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत ने सभी आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच कराने का आदेश दे दिया। पीड़िता प्रमिला मिश्रा निवासी मोहनसराय रोहनिया ने प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
आरोप है कि उनके पति ओम प्रकाश मिश्रा, जो सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, गंभीर किडनी रोग से पीड़ित हैं और सप्ताह में दो बार डायलिसिस कराते हैं। भतीजे विशाल मिश्रा ने अन्य लोगों के साथ मिलकर ओम प्रकाश मिश्रा को आयुष्मान कार्ड बनवाने के बहाने घर से ले जाकर कई दस्तावेज पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगवा लिए। बाद में जानकारी मिली कि सात अप्रैल 2026 को गंगापुर निबंधन कार्यालय में कथित रूप से साजिश के तहत उनकी भूमि का दानपत्र करा दिया गया। आरोप है कि उसी रात भूमि का बैनामा दूसरे के पक्ष में कर दिया गया।