भेलूपुर थाना क्षेत्र की 1.40 करोड़ रुपये की डकैती के मुख्य आरोपी अजीत मिश्रा बुधवार को पांच घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर रहा। हालांकि, कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस अजीत मिश्रा की निशानदेही पर आजमगढ़ के लालगंज से कुछ भी बरामद नहीं करा सकी।
सिविल जज जूनियर डिविजन / एफटीसी (प्रथम) शक्ति सिंह की अदालत ने अजीत मिश्रा को बुधवार की दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक कस्टडी रिमांड पर सशर्त देने का आदेश दिया था। इससे पहले भेलूपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने अजीत मिश्रा की तीन दिन की कस्टडी रिमांड की मांग की थी। अभियोजन की ओर से एपीओ मनोज मिश्रा व मधुसूदन तिवारी ने पक्ष रखा था। इस पर आरोपी के अधिवक्ता विवेक शंकर तिवारी ने कस्टडी रिमांड का विरोध किया था। कहा था कि उनका मुवक्किल कई तरह के रोग से पीड़ित है। रुपये की कोई बरामदगी नहीं होनी है। जितने की डकैती की बात कही जा रही है, उससे ज्यादा रुपये बरामद हो चुके हैं।
यह है पूरा प्रकरण
खोजवा क्षेत्र की आदि विश्वेश्वर कॉलोनी स्थित गुजरात की एक फर्म के कार्यालय से बीते 29 मई को 1.40 करोड़ रुपये लूटे गए थे। 31 मई को नाटकीय घटनाक्रम में खोजवा क्षेत्र स्थित शंकुलधारा पोखरा के समीप खड़ी एक लावारिस कार से 92.94 लाख रुपये बरामद हुए थे। चार जून की देर रात भेलूपुर थाने में तिलमापुर निवासी अजीत मिश्रा और 12 अज्ञात असलहाधारियों के खिलाफ डकैती सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद तत्कालीन भेलूपुर थानाध्यक्ष रमाकांत दुबे सहित सात पुलिस कर्मी बर्खास्त कर दिए गए। अजीत मिश्र सहित पांच आरोपी अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं, जगदीश और अनुभव के अलावा बर्खास्त सात पुलिस कर्मियों की तलाश है।