झांसी जेल में निरुद्ध मुन्ना बजरंगी की ओर से कथित हत्या की साजिश रचने के आरोप पर कोर्ट ने गंभीर रुख अख्तियार किया है। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मोहम्मद गुलाम उल मदार की कोर्ट(वाराणसी) ने इस मामले में कारागार प्रशासन के महानिरीक्षक को पत्र लिखा है।
कोर्ट ने कहा कि बीते नौ मई को पत्र प्रेषित कर प्रकरण की रिपोर्ट तलब कर और जांच कराकर वस्तु स्थिति से अवगत कराने को कहा गया था। इस प्रकरण में फिर आपसे अपेक्षा की जाती है कि नौ मार्च को प्रात: छह बजे से शाम छह बजे तक और एक मई को शाम पांच से रात 10 बजे तक की सीसीटीवी फुटेज व बंदी कमलेश का बयान अंकित कर एसटीएफ कर्मी एवं एएसपी के कारागार में प्रवेश संबंधी अधिकृत पत्र का अवलोकन कर तथ्यों से न्यायालय को 23 मई को अवगत कराएं।
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कोर्ट ने पत्र में कहा है कि दोहरे हत्याकांड के आरोपी मुन्ना बजरंगी के अधिवक्ता शशिकांत राय चुन्ना और अनुज यादव की ओर से दिए गए आवेदन में कहा गया कि नौ मार्च को एसटीएफ के दो जवान झांसी कारागार में गए।
निरुद्ध कुछ बंदियों को साजिश में लेकर आरोपी बजरंगी की हत्या कारागार के अंदर ही उसके भोजन में विषाक्त पदार्थ मिलाकर या अन्य तरीके से करने की योजना बनाई और बंदी कमलेश से मिले।