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Varanasi News: मां काली के दरबार में 10 मात्रा तीन ताल मध्य लय में सजी तबले, बांसुरी और सितार की संगत

Wed, 17 Sep 2025 06:16 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

संगीत महोत्सव में कलाकारों के साथ दर्शक भी झूम उठे। मां के दर्शन-पूजन के लिए आए भक्त काफी देर तक बैठकर कार्यक्रम का लुत्फ उठाते दिखा। शिव तांडव के साथ राधाकृष्ण पर आधारित भजनों पर कथक की प्रस्तुति दी गई। 
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कार्यक्रम पेश करते कलाकार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्राचीन काली मठ में तीन दिवसीय संगीत महोत्सव की दूसरी निशा वाद्ययंत्रों की मधुर स्वरलहरियों से झंकृत होती रही। काशी सोल ऑफ म्यूजिक के कलाकारों ने तबले, बांसुरी और सितार पर 10 मात्रा तीन ताल मध्य लय में संगत से संगीत समारोह में माता के पांव पखारे। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए।

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मंगलवार को दूसरी निशा में काशी सोल ऑफ म्यूजिक के कलाकार तबला वादक पंकज राय के नेतृत्व में बांसुरी पर डॉ. सनिश ज्ञावली, सितार पर डॉ. आनंद कुमार मिश्र और तबले पर डॉ. संदीप केवले ने राग हेमंत आलाप जोड़ झाला से शुरुआत की। कलाकारों ने झपताल 10 मात्रा तीन ताल मध्य लय 16 मात्रा के साथ प्रस्तुति दी। पं. रविशंकर मिश्र, डॉ. ममता टंडन ने कथक की बारीकियों को दर्शाते हुए या देवी सर्वभूतेषु... के बाद शिव वंदना नागेंद्रहाराय और शिव तांडव के साथ राधाकृष्ण पर आधारित भजनों पर कथक की प्रस्तुति दी। 

दूसरी निशा में माता का पंचमेवा शृंगार पं. विकास दुबे काका गुरु ने किया। माता की महाआरती पं. ठाकुर प्रसाद दुबे ने उतारी। मानस मर्मज्ञ पं. रमेश पांडेय ने हनुमान चालीसा का संगीतमय संकीर्तन पाठ किया। 

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अपनी प्रस्तुति से कलाकारों ने मोहा। - फोटो : अमर उजाला
डॉ. विजय कपूर ने काली मैया तिहारी इच्छा से हम द्वार तुम्हारे आए हैं..., अनन्या मिश्रा व बक्सर की अर्चना तिवारी ने बनल रहे नैहरवा ससुरवा ए काली माई..., लोक गायक गोविंद गोपाल मैहर ने घुमवली जम्मू घुमवली..., अड़हुल के फुलवा में कवन गुन हो... की प्रस्तुति दी। नीरज पांडेय ने ए री सखी मंगल गाओ री... गुनगुनाया। 

ओम ने काली मैया के चरणों में सर हो मेरा..., पं रुद्रनाथ त्रिपाठी ने जय जय काली माई हो... पिंकी मिश्रा ने मां तो बस भक्तों का प्यार मांगती... की प्रस्तुति दी। आरती सिन्हा, अरुण मिश्रा, गुंजन, रीता शर्मा, लोकेश सिंह यादव, शाहिद ने हाजिरी लगाई। 
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लक्ष्मी मंदिर में महालक्ष्मी, मां सरस्वती और महाकाली का हुआ 56 भोग शृंगार
लक्ष्मीकुंड स्थित महालक्ष्मी मंदिर में 16 दिवसीय अनुष्ठान के समापन पर माता के त्रिगुण स्वरूप का शृंगार हुआ। महालक्ष्मी, मां सरस्वती और महाकाली सहित सभी विग्रहों का छप्पन भोग शृंगार सजाया गया। 56 प्रकार के मिष्ठान भोग लगाए गए। मंगलवार को महंत शंकर पुरी महाराज के सानिध्य में महालक्ष्मी मंदिर में अनुष्ठान हुआ। शाम को गीतकार कन्हैया दुबे केडी के संयोजन में भोजपुरी की नायिका गायिका शैलबाला ने किसने सजाया है तुझको मैया..., डॉ. अमलेश शुक्ला ने लक्ष्मीकुंड की लक्ष्मी मैया..., यथार्थ दुबे ने लक्ष्मी कुंड मैया का 56 भोग शृंगार है सजा दरबार है... हे लक्ष्मी मैया सुख करनी... सुनाया। 

नीरज पांडेय ने चलो बुलावा आया है..., स्नेहा अवस्थी ने तेरा दर तो हकीकत में खुशियों का खजाना है..., अर्चना तिवारी ने लक्ष्मी मैया बनारस वाली..., आस्था शुक्ला ने लाल चूड़ियां चढ़ाऊं... सहित कई कलाकारों ने देवी गीतों से हाजिरी लगाई। 

तबले पर सुधांशु राजपूत, ढोलक पर नसीम, कीबोर्ड पर संतोष मौर्य, पैड पर विवेक व साहिल ने संगत की। कलाकारों को मंदिर के पुजारी पं. अंबिका शुक्ला पप्पू गुरु, पं. शुभम शर्मा, पं. पंकज गुरु, पं. विकास झा ने स्वागत किया। 
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