अपनी प्रस्तुति से कलाकारों ने मोहा।
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डॉ. विजय कपूर ने काली मैया तिहारी इच्छा से हम द्वार तुम्हारे आए हैं..., अनन्या मिश्रा व बक्सर की अर्चना तिवारी ने बनल रहे नैहरवा ससुरवा ए काली माई..., लोक गायक गोविंद गोपाल मैहर ने घुमवली जम्मू घुमवली..., अड़हुल के फुलवा में कवन गुन हो... की प्रस्तुति दी। नीरज पांडेय ने ए री सखी मंगल गाओ री... गुनगुनाया।
ओम ने काली मैया के चरणों में सर हो मेरा..., पं रुद्रनाथ त्रिपाठी ने जय जय काली माई हो... पिंकी मिश्रा ने मां तो बस भक्तों का प्यार मांगती... की प्रस्तुति दी। आरती सिन्हा, अरुण मिश्रा, गुंजन, रीता शर्मा, लोकेश सिंह यादव, शाहिद ने हाजिरी लगाई।
लक्ष्मी मंदिर में महालक्ष्मी, मां सरस्वती और महाकाली का हुआ 56 भोग शृंगार
लक्ष्मीकुंड स्थित महालक्ष्मी मंदिर में 16 दिवसीय अनुष्ठान के समापन पर माता के त्रिगुण स्वरूप का शृंगार हुआ। महालक्ष्मी, मां सरस्वती और महाकाली सहित सभी विग्रहों का छप्पन भोग शृंगार सजाया गया। 56 प्रकार के मिष्ठान भोग लगाए गए। मंगलवार को महंत शंकर पुरी महाराज के सानिध्य में महालक्ष्मी मंदिर में अनुष्ठान हुआ। शाम को गीतकार कन्हैया दुबे केडी के संयोजन में भोजपुरी की नायिका गायिका शैलबाला ने किसने सजाया है तुझको मैया..., डॉ. अमलेश शुक्ला ने लक्ष्मीकुंड की लक्ष्मी मैया..., यथार्थ दुबे ने लक्ष्मी कुंड मैया का 56 भोग शृंगार है सजा दरबार है... हे लक्ष्मी मैया सुख करनी... सुनाया।
नीरज पांडेय ने चलो बुलावा आया है..., स्नेहा अवस्थी ने तेरा दर तो हकीकत में खुशियों का खजाना है..., अर्चना तिवारी ने लक्ष्मी मैया बनारस वाली..., आस्था शुक्ला ने लाल चूड़ियां चढ़ाऊं... सहित कई कलाकारों ने देवी गीतों से हाजिरी लगाई।
तबले पर सुधांशु राजपूत, ढोलक पर नसीम, कीबोर्ड पर संतोष मौर्य, पैड पर विवेक व साहिल ने संगत की। कलाकारों को मंदिर के पुजारी पं. अंबिका शुक्ला पप्पू गुरु, पं. शुभम शर्मा, पं. पंकज गुरु, पं. विकास झा ने स्वागत किया।