कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ लोक अभियोजक सुभाष और केसरी नंदन जायसवाल ने कुल छह गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से दो गवाह मनोज यादव और उपेंद्र चौहान को पेश कर तर्क दिया गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। सीजेएम ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पति रामनवल को दोषी करार दिया।
दोषी पाए जाने के बाद उसे जलाकर गंभीर चोटें पहुंचाने के मामले में सात वर्ष की सजा के साथ ही एक लाख रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं प्रताड़ना के मामले में दो वर्ष की सजा के साथ ही दस हजार रूपया अर्थदंड तथा मारपीट के मामले में एक वर्ष की सजा का निर्णय सुनाया। अर्थदंड जमा हो जाने पर आधी धनराशि पीड़िता आशा देवी को देने का आदेश दिया।