मिनी सदन की बैठक में अपनी मांग को लेकर उत्तेजित हो गए पार्षद।
नगर निगम सदन की बैठक में सोमवार को शहर के विकास का मुद्दा छाया रहा। मजे की बात यह कि इस पर सभी दलों के पार्षद एकमत दिखे। पार्षदों का कहना था कि प्रत्येक वार्ड में 20-20 लाख रुपये से काम कराने का फैसला पिछले साल सदन में हुआ था लेकिन अभी तक धनराशि जारी नहीं की गई। ऐसे में पार्षद विकास कार्य कैसे कराएं जबकि क्षेत्र की जनता उनसे जवाब मांग रही है। नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही के आश्वासन पर पार्षद शांत हुए।
महापौर रामगोपाल मोहले की अध्यक्षता में दोपहर 12:05 बजे मिनी सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा के विजय जायसवाल, भाजपा के अशोक मिश्रा के साथ ही वरुण सिंह, सीताराम केशरी और गोविंद शर्मा ने विकास के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया। पार्षदों ने सवाल उठाया कि किस मद से और कब तक 20-20 लाख रुपये जारी किए जाएंगे। शंकर विश्नानी ने मेयर इज नाट फेयर का नारा लगाया, जिसका भाजपा पार्षदों ने विरोध किया। इस पर दोनों पक्षों में तीखी नोंकझोंक हुई। नगर आयुक्त ने पार्षदों को आश्वस्त किया कि राज्य वित्त आयोग से धनराशि मुहैया कराई जाएगी।
31 मार्च तक प्रत्येक वार्ड में कार्य का निर्धारण कर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। रमजान अली ने जलकल में आडिट और असलम खां ने पूर्व की बैठकों में हुए निर्णयों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया। राज मंदिर के पार्षद अजीत सिंह ने दस्तूरी प्रथा बंद करने की मांग की। बैठक में पार्षद अमरदेव यादव, अनिल शर्मा, अजय गुप्ता, मीना सिंह, जलकल जीएम बलराम सिंह, सचिव एसपी श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी, तहसीलदार अविनाश कुमार रहे।