नोटिस के प्रमुख बिंदु
नोटिस में पूर्व शिक्षक शमशुल होदा खान के विदेश प्रवास से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। उनकी इंग्लैंड की नागरिकता प्राप्त करने के संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनके दीर्घकालिक अवैतनिक अवकाश के अभिलेख तलब किए गए हैं। चिकित्सा अवकाश से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। परिषद ने उनके वेतन भुगतान और सेवा अभिलेखों से संबंधित तथ्यों की भी जानकारी मांगी है। यह सभी बिंदु मदरसे की मान्यता पर फिर से संकट खड़े कर रहे हैं।
सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका
परिषद ने प्रथम दृष्टया आशंका जताई है कि यदि किसी व्यक्ति ने विदेशी नागरिकता प्राप्त कर ली थी। उसे शिक्षक के रूप में दर्शाकर वेतन दिया गया, तो यह सरकारी धन का दुरुपयोग है। यह वित्तीय अनियमितता और अभिलेखीय कूटरचना जैसे गंभीर प्रश्न उत्पन्न होते हैं। नोटिस में आरोप है कि प्रबंधन ने वास्तविक अनुपस्थिति के बावजूद शिक्षक को कार्यरत दिखाया। इससे सार्वजनिक धन का भुगतान हुआ, जो प्रशासनिक कदाचार की श्रेणी में आता है।
परिषद ने मदरसा प्रबंधन को नोटिस प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रबंधन को सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ जवाब देना अनिवार्य है। निर्धारित अवधि में उत्तर न मिलने पर परिषद आगे की कार्रवाई करेगी। इस स्थिति में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर एकपक्षीय निर्णय लिया जा सकता है। - वर्षा अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।