अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना शुभम जायसवाल।
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मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि फरार शुभम जायसवाल और प्रशांत उपाध्याय ने मिलकर कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था। यह अवैध कारोबार अंतरराज्यीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ था और कफ सिरप की खेप बांग्लादेश तक भेजी जाती थी। इसके एवज में हवाला के माध्यम से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास लगातार जारी हैं। तकनीकी और सर्विलांस की मदद से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट हुआ है कि वह देश के भीतर ही कहीं छिपा हुआ है और विदेश भागने में सफल नहीं हो सका है।
कोर्ट ने इस मामले में प्रशांत उपाध्याय को 30 अप्रैल को पेश होने का आदेश दिया है। यदि वह निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित नहीं होता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए संपत्ति कुर्क की जा सकती है। स्थानीय स्तर पर भी आरोपी का विवाद सामने आया है। महमूरगंज के बिरदोपुर क्षेत्र में स्थित एक कीमती जमीन को लेकर उसके पट्टीदारों के बीच लंबे समय से मनमुटाव चल रहा है, जिसे भी जांच के दायरे में लिया जा रहा है।