आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी, लेकिन उसके फरार रहने के कारण न्यायालय से धारा 84 BNSS के तहत अधिपत्र (प्रोक्लेमेशन) जारी कराया गया। इसके बाद न्यायालय एफटीसी-14, वाराणसी के आदेश पर पुलिस टीम ने आरोपी के रिहायशी मकान पर पहुंचकर विधिवत मुनादी कराई। इस दौरान स्थानीय लोगों को न्यायालय के आदेश से अवगत कराया गया और आरोपी को निर्धारित समय में न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। साथ ही, नोटिस और आदेश को उसके घर पर चस्पा भी किया गया।
शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल का नाम भी इस मामले में सामने आया है। हालांकि उनकी भूमिका की जांच जारी है, लेकिन पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। बता दें कि कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों से भी जुड़े हैं। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष सारनाथ पंकज कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय रही। टीम में हेड कांस्टेबल दिलीप यादव, विनीत सिंह, पंकज सिंह तथा कांस्टेबल सौरभ तिवारी (साइबर क्राइम) शामिल रहे।