पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 42 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की तीन मशीनें और 10 मोबाइल फोन बरामद किए थे। जांच में सामने आया कि आरोपी हवाला कारोबार में पहचान और लेन-देन के लिए विशेष कोड का इस्तेमाल करते थे।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी गिरोह के सरगना शुभम जायसवाल के लिए काम करते थे और उसके नेटवर्क का हिस्सा थे। गिरोह अलग-अलग माध्यमों से कोडीनयुक्त कफ सिरप की खरीद-फरोख्त करता था। इसके अलावा हवाला के जरिए पैसों के ट्रांजैक्शन को भी संचालित किया जा रहा था।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल कॉल डिटेल, आर्थिक लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।