अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना शुभम जायसवाल।
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चंदन की लकड़ी तस्करी पर बनी फिल्म पुष्पा की तर्ज पर ही शुभम जायसवाल ने कफ सिरप की तस्करी कराई। दवा कंपनियों, ड्रग, नारकोटिक्स, पुलिस, पॉलिटिक्स सभी का मुंह बंद कराया। 2023 से शुभम जायसवाल ने धड़ल्ले से तस्करी में अपने कदम बढ़ाए। प्रभाव, पावर और पैसे की बदौलत हर बाधा को दूर किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बांग्लादेश तक कफ सिरप तस्करी के सिंडिकेट की कमान संभाली। कफ सिरप माफिया भी शुभम के आगे झुक गए। तय हुआ कि कफ सिरप का धंधा करने वाले अपने माल शुभम के जरिये ही बांग्लादेश और नेपाल भेजेंगे।
शुभम के तस्करी के माल को फर्नीचर, चावल की बोरी, चूना, बिजली पोल, चिप्स पैकेट समेत अन्य कई तरह से भेजता था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कफ सिरप को वह सोनभद्र के रास्ते बिहार से इंट्री कराने के बाद निकाला था। बीच में कई गाड़ियों का माल बदला जाता था और कई वाहन के नंबर प्लेट भी बदले जाते थे। जीएसटी और परिवहन अधिकारियों की आंख में धूल झोंककर गाड़ियां निकल जाती थीं।