कयास है कि वीडियो दुबई से ही जारी किया गया। अमित सिंह टाटा, आलोक सिंह (एसटीएफ), अमित यादव, विकास सिंह नरवे, दिवेश जायसवाल के साथ शुभम की फोटो और वीडियो दुबई से पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं। इसी आधार पर एजेंसियां मान रही हैं कि शुभम दुबई में है।प्रमुख चेहरों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है, जबकि भगोड़ा शुभम और प्रशांत उपाध्याय की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
एजेंसियों को शक है कि दोनों ही गिरोह को ऑपरेट कर रहे हैं। दुबई में शुभम और कोलकाता में बैठकर प्रशांत इस जांच के भंवर से बाहर निकलने की पूरी पटकथा तैयार कर रहे हैं। जांच एजेंसियों को यह भी भनक लगी है कि वे प्रयागराज कोर्ट के कुछ अधिवक्ताओं से संपर्क साधने में जुटे हैं। पूरब से पश्चिम तक 50 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अधिकतर आरोपियों की अब तक 150 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति भी जब्त की जा चुकी है।
जमीन समेत लुभावने ऑफर के जरिए हजारों निवेशकों से अरबों रुपये की ठगी में भगोड़ा घोषित शाइन सिटी के सीएमडी राशिद नसीम के बाद कफ सिरप तस्करी मामले में शुभम जायसवाल को भगोड़ा घोषित किया गया है।
शुभम के करीबियों की हर हफ्ते परेड, रडार पर मददगार
कफ सिरप तस्करी में शामिल शुभम के करीबियों की पुलिस हर हफ्ते परेड करवा रही है। पिछले चार वर्षों में शुभम से जुड़े नए और पुराने मददगारों को कोतवाली पुलिस व एसआईटी ने रडार पर लिया है। शक के आधार पर 25 से अधिक व्यापारियों को अब तक उठाया गया और पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। एसटीएफ लखनऊ और वाराणसी इकाई भी शुभम के मददगारों की तलाश में जुटी है। कोविड के बाद शुभम ने दवा के पुश्तैनी कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया। आदमपुर थाना क्षेत्र के प्रह्लाद घाट, कायस्थ टोला निवासी शुभम जायसवाल ने धनबाद में शैली ट्रेडर्स फर्म का पंजीकरण कराया। हिमाचल में एबॉट और एस्कुफ कंपनी से कफ सिरप की खरीद की और करोड़ों रुपये की लाखों बोतलें खरीदीं। फर्जी फर्म और कूटरचित ई-वे बिल के जरिये बांग्लादेश तक तस्करी कराई।
क्या बोले अधिकारी
आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने से लेकर संपत्ति कुर्क की कार्रवाई की जा चुकी है। कफ सिरप तस्करी मामले में अन्य एजेंसियां भी अपने स्तर से जांच की जा रही है। शुभम को भगोड़ा घोषित किया गया है। प्रकरण की गहनता से एक-एक बिंदुओं की जांच कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्य आरोपी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई होती है, पुलिस व एसआईटी उस दिशा में काम कर रही है। -गौरव बंशवाल, डीसीपी काशी जोन