शुभम जायसवाल, भोला प्रसाद और अमित सिंह टाटा।
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इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही
खोजवा के डीएसए फार्मा के प्रोपराइटर दिवेश जायसवाल, औसानगंज निवासी मनोज यादव और बेटे लक्ष्य यादव की फर्म मेसर्स सिंडिकेट, सोनिया रोड निवासी अमित जायसवाल, खोजवा के अंकुश सिंह, घनश्याम मौर्य, रोहनिया के भदवर काशीपुरा के प्रधान प्रतिनिधि महेश सिंह की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। महेश के ऊपर 25 हजार का इनाम है।
अमित सिंह टाटा और शुभम जायसवाल।
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ड्रग विभाग का एक अफसर भी रडार पर
मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल को कफ सिरप की बड़े पैमाने पर खरीद फरोख्त का ज्ञान देने वाले ड्रग विभाग के एक पूर्व सहायक आयुक्त की संपत्ति की भी जांच ईडी ने शुरू कर दी है। एसटीएफ ने भी पूर्व अधिकारी को रडार पर लिया है। बस्ती में तैनात उक्त अधिकारी भूमिगत चल रहा है। शुभम को रांची में शैली ट्रेडर्स फर्म का पंजीयन कराने का ज्ञान भी पूर्व सहायक आयुक्त ने ही दिया था। सप्तसागर दवा मंडी समिति के एक पदाधिकारी की भी भूमिका संदिग्ध है। पूर्व सहायक आयुक्त और उक्त पदाधिकारी का गठजोड़ कफ सिरप की खरीद फरोख्त को पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक ले गया।