जांच एजेंसियों की रडार पर आया प्रशांत
दवा कारोबारियों के अनुसार, ड्रग विभाग में भी उसकी गहरी पैठ थी। कई बार केवल उसका नाम लेने या फोन पर बात कराने से ही वर्षों तक बिना मौके पर निरीक्षण किए दवा लाइसेंस जारी कर दिए जाते थे। कभी पूरा नेटवर्क संभालने वाला प्रशांत उपाध्याय अब जांच एजेंसियों की रडार पर है।
तीन फर्मों का कनेक्शन आएगा सामने
जांच एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत अब तक की पूरी कार्रवाई में एजेंसियों से बचता आया है। अब पुलिस के साथ ही ईडी की टीम राधिका इंटरप्राइजेज, राजेंद्र ड्रग एजेंसी और शैली ट्रेडर्स के लेन देन के रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी में है। पुलिस के हाथ लगे अहम दस्तावेज ईडी को सौंपे जाएंगे।