पूर्वांचल के बड़े नेताओं के संपर्क में शुभम की तैयारी अब कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की है। पिता भोला प्रसाद की जल्द जमानत कराने के बाद शुभम की मंशा कोर्ट में सरेंडर करने की है। लखनऊ या फिर प्रयागराज कोर्ट में वह सरेंडर कर सकता है।
सोनभद्र, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली और वाराणसी के अलावा गाजियाबाद की नंदग्राम थाने की पुलिस को भी शुभम की तलाश है। एक दिन पहले शुभम के वीडियो साझा करने के बाद से उसके राजदारों और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की धड़कने बढ़ गई हैं। यह कयास लगाया जा रहा है कि शुभम का अगला कदम क्या और किसके खिलाफ हो सकता है।
सोशल मीडिया पर निगरानी, शेयर कर रहा है पोस्ट
सोशल मीडिया फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शुभम जायसवाल सक्रिय है। कुछ पोस्ट और वीडियो को साझा कर रहा है। फेसबुक पर सक्रिय शुभम है या फिर उसके करीबी, यह भी जांच कमिश्नरेट की सोशल मीडिया और साइबर सेल की टीम कर रही है।
रोहनिया के गोदाम मालिक की भी गिरफ्तारी नहीं, सिंह मेडिकोज भी है आरोपी
19 नवंबर को रोहनिया स्थित गोदाम से बरामद दो करोड़ की कफ सिरप फेंसाडिल के आरोपी गोदाम मालिक महेश कुमार को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। मौके पर केयर टेकर आजाद जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस को इस केस में कोई खास प्रगति नहीं मिली है।
गोदाम से कफ सिरप की खेप चंदौली के सिंह मेडिकोज को भेजी जा रही थी, पुलिस अब तक सिंह मेडिकोज फर्म के मालिक को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी। गोदाम से पुलिस ने 18600 शीशी एक्सपायरी डेट की बरामद की थी। ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली की ओर से कुल 40 फर्मों के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। एनडीपीएस, धोखाधड़ी की धाराएं भी बढ़ाई गई लेकिन ठोस कार्रवाई किसी फर्म के खिलाफ अब तक नहीं हो सकी है।
खोजवां, सप्तसागर, लंका और मैदागिन क्षेत्र के दवा कारोबारियों को पुलिस टीम पूछताछ के लिए हिरासत में ले रही है तब तक प्रभावशाली लोगों के फोन संबंधित थाने पर चला जा रहा है। न्यायोचित जांच का हवाला देते हुए व्यवसायियों को छोड़ने की बात की जा रही है। पुलिस भी दवा व्यवसायियों के दस्तावेज की जांच के बाद उन्हें छोड़ दे रही है।
ईडी ने डाला है शहर में डेरा
शुभम जायसवाल के खिलाफ धनशोधन मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद ईडी की एक टीम वाराणसी में डेरा डाले हुई है। शुभम के करीबियों की गोपनीय तरीके से पता लगा रही है। शुभम द्वारा 40 करोड़ रुपये की कीमती जमीन महमूरगंज में खरीदने की जानकारी पर ईडी की टीम चौकन्ना हुई है। हालांकि छानबीन में उक्त जमीन पर मालिक कोई दूसरा निकल गया। इस तरह फ्लैट, जमीन और काॅम्पलेक्स, होटल में साझेदारों के साथ निवेश की भूमिका की भी जांच ईडी कर रही है।