संवाददाताओं ने पहले फूल-माला वाले एक युवक से संपर्क किया तो उसने दो लोगों के 700 रुपये मांगे। शर्त यह थी कि वह गर्भगृह के अंदर दर्शन करा देगा, लेकिन फोटो क्लिक करानी है तो 1100 रुपये देने होंगे। वह इसी शर्त के साथ गर्भगृह तक ले भी गया।
दूसरे दिन गर्भगृह के तीन अलग-अलग गेट पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड से बात की गई तो उन्होंने भी एक व्यक्ति के अंदर जाने का रेट 500 रुपये और दर्शन के साथ फोटो कराने का रेट 1100 रुपये बताया। जब टीम ने निवेदन किया कि इतने रुपये नहीं हैं, बहुत देर से आए हैं, अंदर से दर्शन करने दें, तो सिक्योरिटी गार्ड ने कहा- “दर्शन करना है तो पैसा लगेगा, नहीं तो बाहर से ही देख लो।” इतना कहकर उसने दरवाजा बंद कर दिया।
दो हजार रुपये में गर्भगृह में दर्शन कराने की बात कहने वाला दुकानदार।
- फोटो : संवाद
झाड़-फूंक के नाम पर भी वसूली; 5 रुपये का धागा 100 से 1100 रुपये तक
मंदिर के अंदर बने चौतरे पर झाड़-फूंक और गंडा बेचने वालों का अलग ही कारोबार चलता है। मंदिर के बाहर मिलने वाला 5 रुपये का धागा यहां 100, 500 रुपये से लेकर 1100 रुपये तक में दिया जा रहा था। 10–20 रुपये देने वालों से ये लोग आए दिन बदतमीजी भी करते हैं। ये खासकर ऐसे भक्तों को पकड़ते हैं जो परिवार के साथ आते हैं, खासकर छोटे बच्चों वाले परिवार। ऐसे लोग इनकी बातें जल्दी मान लेते हैं।
मंदिर में रोजाना दर्शन करने आने वाले भक्त- मनीष यादव, अनिकेत पांडेय, शिवांश मिश्रा, संजय यादव, शुभम कुमार-कहते हैं कि करीब पांच साल पहले तक मंदिर के बाहर या अंदर ऐसी स्थिति नहीं थी। उनका कहना है कि इस पर रोक लगनी चाहिए। देशभर से दूर-दराज से आने वाले भक्त जब खराब अनुभव लेकर जाते हैं तो इससे मंदिर और काशी की धार्मिक प्रतिष्ठा धूमिल होती है।
गर्भगृह के दाएं गेट के बाहर संवाददाता और सिक्योरिटी गार्ड के बीच बातचीत
संवाददाता ने गर्भगृह के गेट से अंदर झांकने की कोशिश की तो वहां खड़े गार्ड ने रोका और झटककर नीचे उतार दिया।
गार्ड: कहां से आए हो?
संवाददाता: काशी से ही हैं, दर्शन करना है।
गार्ड: किसने भेजा है?
संवाददाता: किसी ने नहीं भेजा, हम खुद दर्शन करना चाहते हैं।
गार्ड: दर्शन अंदर से करना है तो पैसा देना पड़ेगा। एक आदमी का 500 रुपये रेट है। पैसा देना है तो बोलो, नहीं तो बाहर से झांकी देख लो... और इतना कहकर उसने गर्भगृह का दरवाजा बंद कर दिया।
(गर्भगृह के मुख्य गेट के बाहर से)
संवाददाता: हम तीन लोग हैं, अंदर से दर्शन करा दो।
गार्ड: एक आदमी का 1100 रुपये लगता है।
संवाददाता: अरे, हम तीन लोग हैं, कुछ कम में करा दीजिए दर्शन।
गार्ड: कम-बेसी कुछ नहीं होगा। पैसा दो और दर्शन करो।
संवाददाता: देख लो, कुछ कम हो जाए तो…
गार्ड: नीचे उतरकर बात करो। बाहर से ही दर्शन करो, और लोग भी लाइन में हैं।
महंत का बयान
बाबा कालभैरव के दरबार में सभी एक समान हैं। मोहल्ले के कुछ लोग और माला-फूल बेचने वाले इस तरह की हरकत कर रहे हैं। वे गर्भगृह में दर्शन के नाम पर पैसे की वसूली करते हैं। महंत परिवार की 26 दिन की पारी होती है। इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की जाएगी। - राजेश मिश्रा, महंत, कालभैरव मंदिर