कोतवाली पुलिस और एसआईटी की जांच व विभिन्न बैंक स्टेटमेंट, दस्तावेज से स्पष्ट हुआ कि भगोड़े शुभम जायसवाल को फरारी की अवधि में हवाला से अंग्रेजी शराब की अनुज्ञापियों ने लगातार आर्थिक सहायता पहुंचाई है। एक एओपी के माध्यम से शुभम ने 6 अंग्रेजी शराब की दुकानों से मिले लाभांश में से अपने हिस्से का निर्धारण किया था। चौकाघाट निवासी शराब कारोबारी ने शुभम, एक साड़ी कारोबारी, होटल कारोबारी को अपने सिंडिकेट में अंग्रेजी के ठेके मुहैया कराए। कफ सिरप के आरोप में जेल में बंद अधिकतर आरोपियों के परिजनों, रिश्तेदारों के नाम पर देसी और कंपोजिट दुकानें ली गई हैं।
कफ सिरप के मामले में लखनऊ जेल में बंद अमित सिंह टाटा व अमित यादव की पेशी मंगलवार को नहीं हो सकी। दोनों को सात अप्रैल को अदालत में पेश होना था। किन्ही कारणों से पुलिस उनकी पेशी नहीं करा सकी। कोतवाली थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने बताया कि पेशी के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया। कोडीन युक्त कफ सिरप की बरामदगी और तस्करी के मामले में लखनऊ जेल में बंद दो आरोपियों, अमित सिंह टाटा और अमित यादव को कोतवाली पुलिस वारंट बी पर मंगलवार को जिला जज एफटीसी (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार की अदालत में पेश करने वाली थी। पुलिस का कहना है कि कफ सिरप की अवैध बिक्री और तस्करी से जुड़े इस मामले की जांच में कई अहम सुराग मिले हैं। पूछताछ से तस्करी के नेटवर्क, सप्लाई चेन और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।