महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोवैज्ञानिक डॉ. संतोष कुमार सिंह का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा, एंग्जायटी, तनाव और चिड़चिड़ेपन की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं। आर्थिक तनाव के कारण लोग ज्यादा दबाव महसूस कर रहे हैं।
क्या करें?
- लॉकडाउन में रहकर सोशल डिस्टेंसिग और हाइजीन के नियमों का पालन कर अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभानी है।
- दिनचर्या का एक शेड्यूल बनाएंगे तो आपका मन शांत रहेगा और मन में बेकार की बातें नहीं आएंगी। समस्या होने पर मनोवैज्ञानिक से परामर्श लें।
- दिनभर सोशल मीडिया और व्हॉटसऐप पर मैसेज भी नहीं पढ़ने चाहिए, क्योंकि इससे ज्यादा तनाव होता है। इसलिए कोशिश करें कि न्यूज और मैसेज देखने के लिए एक टाइम फिक्स कर लें।
- अपने आपको घर के सदस्यों के साथ व्यस्त रखें और घर में कुछ न कुछ खेल खेंलें, किताब पढ़ें। बच्चों के साथ अधिक से अधिक समय बिताएं।
- पूजा-पाठ में खुद को लगाएं और धार्मिक पुस्तकें व साहित्य जरूर पढ़ें।